सऊदी अरब में बैठक, क्या है कारण ?
वॉशिंगटन/रियाद: अमेरिका और यूक्रेन मंगलवार को सऊदी अरब में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
व्हाइट हाउस में विवाद के बाद पहली आधिकारिक बैठक
यह बैठक अमेरिका और यूक्रेन के बीच व्हाइट हाउस में 28 फरवरी को हुई तनावपूर्ण बातचीत के बाद पहली आधिकारिक चर्चा होगी। इस बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मतभेद उभरकर सामने आए थे।
बैठक के मुख्य एजेंडे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब में होने वाली इस बैठक में दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी:
- अमेरिका और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय खनिज समझौता – इस समझौते का उद्देश्य यूक्रेन की प्राकृतिक संसाधनों की आपूर्ति को अमेरिका के लिए सुगम बनाना है।
- रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयास – अमेरिका युद्धविराम को लेकर रणनीति पर विचार कर सकता है।
अमेरिका और यूक्रेन के बीच बढ़ता तनाव
व्हाइट हाउस की पिछली बैठक के दौरान हुए विवाद के बाद, वॉशिंगटन और कीव के रिश्ते कमजोर हुए हैं। अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगा दी है।
इसके अलावा, रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि ट्रंप प्रशासन 2,40,000 यूक्रेनी शरणार्थियों की कानूनी स्थिति समाप्त करने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा हुआ, तो ये शरणार्थी अमेरिका से निर्वासन (डिपोर्टेशन) का सामना कर सकते हैं।
सऊदी अरब को बैठक के लिए क्यों चुना गया?
सऊदी अरब को इस बैठक के लिए एक तटस्थ स्थल माना जा रहा है। यह देश रूस और अमेरिका दोनों के साथ अच्छे संबंध रखता है और मध्यस्थ की भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
क्या इस बैठक से शांति की उम्मीद की जा सकती है?
इस बैठक से युद्धविराम को लेकर किसी बड़े फैसले की उम्मीद तो कम है, लेकिन यह अमेरिका और यूक्रेन के बिगड़ते संबंधों को सुधारने का एक अवसर हो सकता है। इसके अलावा, रूस के खिलाफ यूक्रेन की रणनीति और पश्चिमी देशों के समर्थन पर भी चर्चा हो सकती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बैठक क्या यूक्रेन को फिर से अमेरिकी सैन्य सहायता दिलाने में सफल होगी या नहीं, और क्या रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।





