BY: Yoganand Shrivastva
मुरादाबाद | उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने 15 दिन के शिशु को फ्रिज में रख दिया और खुद गहरी नींद में सो गई। परिजनों ने समय रहते बच्चे को फ्रिज से निकालकर उसकी जान बचाई। घटना के बाद महिला को मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की देखरेख में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर मानसिक स्थिति की पुष्टि की है।
परिवार ने समय रहते बचाई बच्चे की जान
घटना तब सामने आई जब घरवालों ने बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनी। वे दौड़कर कमरे में पहुंचे तो देखा कि बच्चा फ्रिज में रखा हुआ था। उन्होंने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला। जब महिला से इस हरकत की वजह पूछी गई तो उसने कहा कि बच्चा लगातार रो रहा था, इसलिए उसे फ्रिज में रख दिया।
पहले गए झाड़-फूंक कराने
महिला के अजीब व्यवहार से परेशान परिजन पहले उसे स्थानीय झाड़-फूंक करने वालों के पास ले गए। लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। जब महिला की हालत और बिगड़ने लगी तो परिजनों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने का निर्णय लिया।
डॉक्टर का बड़ा खुलासा: पोस्टपार्टम साइकोसिस
महिला को मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कार्तिकेय गुप्ता के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर गुप्ता ने बताया,
“यह महिला पोस्टपार्टम साइकोसिस से पीड़ित है। यह एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो बच्चे के जन्म के बाद लगभग 5% महिलाओं में देखने को मिलती है। इस स्थिति में मरीज को भ्रम और शक होने लगता है कि लोग उसके खिलाफ हैं। मरीज खुद को और अपने बच्चे को नुकसान पहुंचाने तक की कोशिश कर सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह मानसिक आपातकाल (Psychiatric Emergency) की स्थिति होती है, लेकिन जानकारी के अभाव में परिवार के लोग पहले झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
समय पर नहीं मिला इलाज
डॉक्टरों के अनुसार, महिला को यह समस्या पिछले 15 दिनों से थी। परिवार इसे ‘ऊपरी चक्कर’ मानता रहा और इलाज में देर कर दी। जब महिला ने अपने बच्चे को गंभीर खतरे में डाल दिया, तभी परिवार उसे अस्पताल लेकर आया।





