BY
Yoganand Shrivastava
Union budget केंद्र सरकार ने सड़क और परिवहन मंत्रालय के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया है। इसका उद्देश्य न केवल यात्रा के समय को कम करना है, बल्कि परिवहन की लागत को घटाकर व्यापार को सुगम बनाना भी है।
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एक्सप्रेसवे का विस्तार और नए कॉरिडोर
Union budget सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई हैं:
- 8 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: देश के औद्योगिक शहरों को जोड़ने के लिए 8 नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले विशेष कॉरिडोर शामिल हैं।
- पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ‘पर्वतमाला’: दुर्गम पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 25 नए रोपवे (Ropeway) प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई है।
- लॉजिस्टिक पार्क: हाईवे के किनारे 15 नए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी।
टोल नीति में क्रांतिकारी बदलाव: GPS आधारित सिस्टम
Union budget आम जनता के लिए सबसे बड़ी खबर टोल टैक्स संग्रह के तरीके को लेकर आई है:
- GPS टोलिंग: सरकार अब FASTag से आगे बढ़कर GPS आधारित टोल संग्रह प्रणाली को पूरे देश में लागू करने की योजना बना रही है। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और उतनी ही दूरी का पैसा कटेगा जितनी दूरी तय की जाएगी।
- सैटेलाइट आधारित संग्रह: चुनिंदा हाईवे पर सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण शुरू किया जाएगा ताकि टोल प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा सके।
सार्वजनिक परिवहन और ई-वाहन (EV) क्रांति
Union budget शहरों में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को सस्ता बनाने के लिए विशेष फंड का प्रावधान है:
- मेट्रो विस्तार: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ-कानपुर जैसे शहरों में मेट्रो के अगले फेज के लिए बजट बढ़ा दिया गया है।
- पीएम ई-बस सेवा: 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न शहरों में संचालित की जाएंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन पर्यावरण के अनुकूल होगा।
- EV सब्सिडी: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘फेम’ (FAME) स्कीम के नए चरण की घोषणा की गई है। इसमें न केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर रियायत मिलेगी, बल्कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भी सब्सिडी दी जाएगी।





