उज्जैन में आज का दिन बेहद खास होने वाला है। श्री महाकालेश्वर भगवान की शाही सवारी शाम 4 बजे मंदिर से शुरू होगी। इस पवित्र यात्रा में देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
सवारी लगभग 7 किलोमीटर लंबे मार्ग से गुजरते हुए रात 10 बजे मंदिर परिसर में वापस लौटेगी। पहली बार इस बार 10 ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिससे माहौल और भी दिव्य बन जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास जोर
- सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर रोक लगाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित न हो।
- पूरे मार्ग पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है।
- मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने और सुचारू आयोजन के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
कौन-कौन से मुखारविंद होंगे शामिल?
इस भव्य शाही सवारी में छह विशेष मुखारविंद शामिल होंगे:
- रजत पालकी पर श्री चंद्रमोलेश्वर
- हाथी पर श्री मनमहेश
- गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव
- नंदी रथ पर श्री उमा-महेश
- डोल रथ पर होल्कर स्टेट का मुखारविंद
- रथ पर सप्तधान मुखारविंद
सवारी से पहले मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन होगा और भगवान महाकाल को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा।
सवारी का पूरा रूट और समय
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने पूरे रूट और समय की घोषणा की है:
- 4:00 PM – श्री महाकालेश्वर मंदिर से प्रस्थान
- 4:20 PM – कोट मोहल्ला
- 4:30 PM – गुदरी चौराहा
- 4:45 PM – बक्षी बाजार चौराहा
- 5:00 PM – हरसिद्धि पाल
- 5:15 PM – रामघाट पर पूजन
- 6:00 PM – बंबई वाले की धर्मशाला
- 6:30 PM – गणगौर दरवाजा
- 7:00 PM – सत्यनारायण मंदिर
- 7:30 PM – कमरी मार्ग
- 7:45 PM – टंकी चौराहा
- 8:00 PM – तेलीवाड़ा
- 8:30 PM – कंठाल चौराहा
- 9:00 PM – गोपाल मंदिर
- 9:30 PM – गुदरी चौराहा
- 9:45 PM – कोट मोहल्ला
- 10:00 PM – महाकाल मंदिर परिसर में वापसी
महाकालेश्वर भगवान की शाही सवारी न सिर्फ आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान भी है। लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





