जौनपुर: जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र के बसिरहा गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब गांव के एक मछुआरे की पाकिस्तान की जेल में मौत की खबर व्हाट्सएप के जरिए परिजनों को मिली। यह सूचना पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से लगभग 20 दिन बाद भेजी गई, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
चार मछुआरे 2022 में हुए थे गिरफ्तार
गांव के चार मछुआरे वर्ष 2022 में गुजरात के समुद्र तट से मछली पकड़ने के दौरान सीमा पार कर गए थे, जिन्हें पाकिस्तान की नेवी ने हिरासत में ले लिया था। ये सभी जीविका चलाने के लिए मछली पकड़ने गुजरात गए थे। चारों मछुआरे बसिरहा गांव के रहने वाले हैं और मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
चार साल से पाकिस्तान की जेल में था घुरहू बिंद
गिरफ्तार मछुआरों में से एक, घुरहू बिंद नामक व्यक्ति पिछले लगभग चार वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद था। हाल ही में उसकी मौत हो गई, जिसकी जानकारी पाकिस्तान से एक व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से भारतीय अधिकारियों तक पहुंची। मृतक की पहचान घुरहू बिंद के रूप में हुई है, जिसकी मौत के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
18 अप्रैल को शव पहुंचने की संभावना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घुरहू बिंद का शव 17 अप्रैल को वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचाया जाएगा, और इसके बाद 18 अप्रैल को जौनपुर स्थित उसके पैतृक गांव बसिरहा पहुंचने की संभावना है। गांव के लोग और परिजन इस खबर से गहरे सदमे में हैं और शव के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासन और सरकार से मांग
परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि पाकिस्तान की जेल में बंद अन्य मछुआरों की स्थिति की भी जानकारी ली जाए और उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की भी मांग की गई है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
देवरिया में कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन..यह भी पढ़े





