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टैंकअप इंजीनियर्स IPO 2025: GMP, रिव्यू, प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट – क्या आपको आवेदन करना चाहिए?

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टैंकअप इंजीनियर्स IPO 2025

टैंकअप इंजीनियर्स लिमिटेड एक SME सेक्टर की कंपनी है जो 2020 में स्थापित हुई। यह विशेष वाहन सुपरस्ट्रक्चर (जैसे फ्यूल टैंक, मोबाइल डीजल बाउजर, एयरक्राफ्ट रिफ्यूलर, फायर टेंडर) बनाती है। कंपनी का मुख्य फोकस कस्टमाइज्ड स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस पर है, जो एग्रीकल्चर, माइनिंग, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं।

मुख्य उत्पाद:

  • मोबाइल रिफ्यूलर (IoT-इनेबल्ड)
  • वाटर स्प्रिंकलर वाहन
  • मोबाइल सर्विस वैन

प्रोडक्शन यूनिट: लखनऊ में 2,665 sq. mtr. की फैक्ट्री (ISO और PESO सर्टिफाइड)।


IPO के बारे में

  • आईपीओ तिथि: 23 अप्रैल 2025 से 25 अप्रैल 2025
  • लिस्टिंग तिथि: 30 अप्रैल 2025 (NSE SME पर)
  • प्राइस बैंड: ₹133 से ₹140 प्रति शेयर
  • लॉट साइज: 1,000 शेयर (न्यूनतम निवेश ₹1.4 लाख)
  • कुल इश्यू साइज: ₹19.53 करोड़ (फ्रेश इश्यू)

आवंटन तिथियाँ:

  • अलॉटमेंट: 28 अप्रैल 2025
  • रिफंड: 29 अप्रैल 2025
  • डीमैट में शेयर क्रेडिट: 29 अप्रैल 2025

वित्तीय स्थिति (Financials)

(₹ करोड़ में)

पीरियडरेवेन्यूPAT (निवल लाभ)नेट वर्थकर्ज/इक्विटी
मार्च 202419.542.573.681.00
मार्च 202311.850.791.11

महत्वपूर्ण अनुपात:

  • P/E (Post-IPO): 52.19x (काफी ऊँचा!)
  • ROE: 107.11% (अच्छा प्रदर्शन)
  • PAT मार्जिन: 13.23%

टिप्पणी:

  • कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट पिछले 2 सालों में तेजी से बढ़ा है।
  • लेकिन Post-IPO P/E रेश्यो 52x है, जो थोड़ा महंगा लगता है।

आईपीओ का उद्देश्य

  1. कर्ज चुकाना (₹3.5 करोड़)
  2. वर्किंग कैपिटल (₹10 करोड़)
  3. जनरल कॉर्पोरेट नीड्स

स्ट्रेंथ और चुनौतियाँ

ताकत:

  • डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ग्रोथ सेक्टर्स में मौका।
  • MSME और PESO सर्टिफिकेशन से क्रेडिबिलिटी।
  • ऑर्डर बुक (मार्च 2025 तक ₹22.11 करोड़)।

चुनौतियाँ:

  • SME सेगमेंट में हाई कॉम्पिटिशन।
  • Post-IPO वैल्यूएशन (P/E 52x) थोड़ा एक्सपेंसिव लग रहा है।
  • कर्ज/इक्विटी 1.00 है, जो रिस्क दिखाता है।

एक्सपर्ट राय

  • बाजार की प्रतिक्रिया: अभी GMP (Grey Market Premium) डिटेल्स नहीं मिली, जो सब्सक्रिप्शन रिस्पॉन्स का अंदाजा देगी।

क्या करें? (Buy or Avoid)

  • रिस्क लेने वाले इन्वेस्टर्स: अगर आप SME सेगमेंट में एक्सपोजर चाहते हैं और लॉन्ग-टर्म (3-5 साल) होल्ड कर सकते हैं, तो 1-2 लॉट ले सकते हैं।
  • कंजर्वेटिव इन्वेस्टर्स: वैल्यूएशन को देखते हुए अभी इंतजार करें। लिस्टिंग के बाद मौका मिल सकता है।

ध्यान दें: SME आईपीओ में लिक्विडिटी और वोलेटिलिटी ज्यादा होती है। सिर्फ रिस्क कैपिटल ही इन्वेस्ट करें।


कैसे अप्लाई करें?

Zerodha, Angel One, या किसी भी ब्रोकर के माध्यम से UPI (ASBA) से अप्लाई कर सकते हैं। कट-ऑफ प्राइस (₹140) पर बिड लगाना बेहतर होगा।


अंतिम सलाह:
“आईपीओ में निवेश से पहले RHP (रिस्क फैक्टर्स सेक्शन) जरूर पढ़ें। यह SME इश्यू है, इसलिए पैनिक सेलिंग से बचें।”

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