Mohit Jain
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर अब अनिश्चितता बढ़ गई है। अक्टूबर में ट्रैक पर उतरने वाली यह लग्जरी ट्रेन फिलहाल फाइनल टेस्टिंग और सुधार प्रक्रिया से गुजर रही है। रेलवे मंत्रालय ने इसके डिजाइन, फिनिशिंग और फर्निशिंग में खामियों की ओर इशारा किया है, जिसके चलते लॉन्च डेट आगे बढ़ सकती है।
रेलवे मंत्रालय ने जताई डिजाइन और सेफ्टी को लेकर चिंता

रेलवे बोर्ड ने RDSO और जोनल जीएम्स को भेजे पत्र में बताया कि ट्रेन के बर्थ एरिया में कई जगह तेज किनारे (शार्प एज) हैं। खिड़कियों के पर्दों और बर्थ कनेक्टर के बीच बने पॉकेट्स में सफाई की दिक्कतें हैं। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि इन कमियों को तुरंत सुधारा जाए और भविष्य की ट्रेनों में डिजाइन को बेहतर बनाया जाए।
सुरक्षा और आराम दोनों पर फोकस
रेल मंत्रालय ने ट्रेन की सुरक्षा और यात्रियों के आराम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि ट्रेन का तापमान यात्रा के दौरान संतुलित रहे और अगर किसी आपात स्थिति में कोच को अलग करना पड़े तो यह काम 15 मिनट में पूरा किया जा सके।
साथ ही, फायर सेफ्टी, कवच 4.0 सिस्टम, और लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर व स्टेशन मास्टर के बीच विश्वसनीय संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
वंदे भारत स्लीपर की खासियतें
यह ट्रेन 16 कोच की हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) होगी, जिसे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए तैयार किया गया है।
- अधिकतम गति: 180 किमी/घंटा
- ऑपरेशनल गति: 160 किमी/घंटा
- लग्जरी स्लीपर कैबिन, प्रीमियम लाइटिंग, बेहतर स्पेस मैनेजमेंट
- हर कोच में चार्जिंग पॉइंट और अत्याधुनिक फिनिशिंग
लॉन्च डेट पर सस्पेंस बरकरार
हालांकि रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर के संचालन को सिद्धांत रूप से मंजूरी दे दी है, लेकिन जब तक सभी खामियां दूर नहीं हो जातीं, तब तक यह ट्रेन ट्रैक पर नहीं उतरेगी। रेलवे की ओर से अब तक नई लॉन्च डेट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।





