गोंडा: खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) पर लगाया गया निलंबन हटा लिया है। इस फैसले के बाद WFI के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “यह संघर्ष करीब 26 महीने तक चला और आज महासंघ को फिर से मान्यता मिल गई है। हम सरकार और खेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। हालांकि, इस निलंबन के चलते खिलाड़ियों, खासकर जूनियर पहलवानों को नुकसान हुआ। जो लोग इस साजिश में शामिल थे, उनकी मंशा सफल नहीं हो सकी। अब महासंघ को जल्द से जल्द सभी कुश्ती टूर्नामेंट आयोजित करने चाहिए।”
WFI पर क्यों लगा था निलंबन?
खेल मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2023 को WFI को निलंबित कर दिया था। इसका मुख्य कारण अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की जल्दबाजी में घोषणा करना था। संजय सिंह के नेतृत्व वाली समिति ने 21 दिसंबर 2023 को चुनाव जीते थे, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के प्रभाव वाले गोंडा के नंदिनी नगर को राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया, जिससे सरकार नाराज हो गई थी।
निलंबन हटाने का कारण
खेल मंत्रालय ने अपने फैसले में कहा कि WFI ने आवश्यक सुधार किए हैं, जिसके चलते निलंबन हटाने का निर्णय लिया गया। अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
विरोध और कानूनी लड़ाई
गौरतलब है कि सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके चलते 2023 में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। बाद में पहलवानों ने महासंघ के चुनावों को अवैध घोषित कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, 21 दिसंबर 2023 को हुए चुनावों में संजय सिंह को WFI का नया अध्यक्ष चुना गया था।
अब जब WFI पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है, तो उम्मीद की जा रही है कि कुश्ती से जुड़े सभी टूर्नामेंट जल्द ही पटरी पर लौटेंगे।





