BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की चल रही अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए साफ कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। गुरुवार को उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे न सिर्फ फिलहाल मुख्यमंत्री हैं, बल्कि आगामी समय में भी इस पद पर बने रहेंगे।
सिद्धारमैया इस समय दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उनके कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता राहुल गांधी से मिलने की संभावना है। इस बीच, उनके बयान ने पार्टी के अंदर और बाहर उठ रही चर्चाओं को काफी हद तक शांत कर दिया है।
क्या बोले सिद्धारमैया?
पत्रकारों द्वारा जब उनसे कर्नाटक के नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर सवाल पूछा गया तो सिद्धारमैया ने बेबाकी से कहा:
“क्या मुख्यमंत्री पद के लिए कोई खाली जगह है? मैं आपके सामने हूं, मैं ही मुख्यमंत्री हूं और यहां बैठा हूं। डी.के. शिवकुमार ने भी यही कहा है और मैं भी यही दोहरा रहा हूं – कोई रिक्ति नहीं है।”
इस बयान से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी में किसी तरह का आंतरिक गतिरोध नहीं है और वे अपना कार्यकाल पूरे पांच साल तक निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पृष्ठभूमि: 2023 का चुनाव और सीएम की रेस
मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला था। इसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई थी।
कांग्रेस नेतृत्व ने आपसी सहमति से सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया था। उस वक्त “बारी-बारी से मुख्यमंत्री” बनाने का एक गैर-सरकारी समझौता होने की चर्चा भी सामने आई थी, जिसके अनुसार नवंबर 2025 में डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता था।
हालांकि, पार्टी ने कभी आधिकारिक रूप से इस समझौते की पुष्टि नहीं की।
राजनीतिक विश्लेषण:
सिद्धारमैया का यह बयान न केवल पार्टी के भीतर चल रही धारणाओं को चुनौती देता है, बल्कि उनके दिल्ली दौरे के समय को देखते हुए यह एक रणनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व शायद राज्य में स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है, खासकर ऐसे समय में जब लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी अपनी राष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।





