रिपोर्टर:- रंजन कुमार
Sheikhpura Social Worker Sanjay Yadav Demise बिहार के शेखपुरा जिले के कद्दावर और सर्वप्रिय समाजसेवी व प्रखर वक्ता संजय यादव का इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना के पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली। संजय यादव के पार्थिव शरीर को शेखपुरा स्थित उनके आवास पर लाए जाने के बाद से ही उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, राजनेताओं और समर्थकों का तांता लगा हुआ है।

Sheikhpura Social Worker Sanjay Yadav Demise पिता की मौत के बाद संभाला था परिवार, भाई बोले— ‘अचानक चले जाने से स्तब्ध हूँ’
संजय यादव के असामयिक निधन से उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और दुख में डूबा हुआ है। उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके भाई और समाजसेवी शंभू यादव ने कहा कि इस अपूरणीय क्षति से वह पूरी तरह स्तब्ध हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा कि पिता के देहांत के बाद संजय यादव ने बड़े भाई होने के नाते पूरे परिवार में एक पिता की भूमिका निभाई थी। हर सुख-दुख में उन्होंने परिवार का हौसला और हिम्मत बढ़ाई, लेकिन आज उनके अचानक चले जाने से पूरे घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

Sheikhpura Social Worker Sanjay Yadav Demise अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्गज नेता, राजनेताओं और मंत्रियों से थे मित्रवत संबंध
संजय यादव की शेखपुरा और प्रदेश की राजनीति में काफी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। देश और राज्य के कई बड़े मंत्रियों और सांसदों से उनके बेहद करीबी और मित्रवत संबंध थे। उनके निधन पर शोक व्यक्त करने और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पूर्व विधायक (MLA) विजय सम्राट, सम्बल हैदर, इमाम गजाली, और लट्टू यादव सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता उनके आवास पर पहुंचे। इसके साथ ही उनकी अंतिम शव यात्रा में मुकेश यादव, शंभू यादव, पप्पू यादव, इकबाल सहित बहुत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

Sheikhpura Social Worker Sanjay Yadav Demise बेबाक अंदाज और प्रखर वक्तृत्व शैली के लिए हमेशा याद किए जाएंगे संजय यादव
शेखपुरा वासी आज संजय यादव की यादों में डूबे हुए हैं। वे क्षेत्र में एक ऐसे प्रखर वक्ता के रूप में जाने जाते थे जो किसी भी मंच पर जनहित के मुद्दों को बेहद बेबाक, निडर और स्पष्ट लहजे में रखने का हुनर रखते थे। अपनी इसी बेबाकी और समाजसेवा के जज्बे के कारण उन्होंने जनता के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय यादव का जाना जिले के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई आने वाले लंबे समय तक संभव नहीं होगी।





