BY
Yoganand Shrivastava
Sheikh Hasina Bangladesh Return Announcement बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से भारत में निर्वासित जीवन बिता रहीं पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा ऐलान किया है। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया इंटरव्यू में शेख हसीना ने स्पष्ट किया है कि वे इसी साल दिसंबर के आसपास स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटने का इरादा रख रही हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि देश लौटने पर भले ही उन्हें जेल में डाल दिया जाए या उनकी हत्या कर दी जाए, लेकिन वे अपने देश वापस जरूर जाएंगी और वहां की अदालतों के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender) करेंगी।
Sheikh Hasina Bangladesh Return Announcement इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने सुनाई है मौत की सजा
शेख हसीना का यह बड़ा बयान बांग्लादेश के ‘अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण’ (International Crimes Tribunal) के उस हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई गई है:
- क्या हैं आरोप: साल 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा और प्रदर्शनकारियों की मौतों को न रोकने तथा दमनकारी आदेश देने के आरोप में उन्हें यह सजा सुनाई गई है।
- सहयोगियों पर भी गाज: ट्रिब्यूनल ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है, जबकि पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को 5 साल जेल की सजा दी गई है। साथ ही कोर्ट ने शेख हसीना और कमाल की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया है।
Sheikh Hasina Bangladesh Return Announcement राजनीतिक सहयोगियों के दमन से आहत, वर्तमान सरकार से कोई बातचीत नहीं
शेख हसीना ने साक्षात्कार के दौरान अपनी वापसी के कारणों और देश की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की:
- दिसंबर में वापसी का प्लान: शेख हसीना ने बताया कि वे अवामी लीग के अन्य निर्वासित नेताओं के साथ दिसंबर 2026 के आसपास बांग्लादेश लौटेंगी।
- अधिकारियों से कोई डील नहीं: उन्होंने साफ किया कि उनकी इस वापसी को लेकर ढाका की वर्तमान अंतरिम सरकार या प्राधिकारियों के साथ किसी भी तरह का कोई गुप्त समझौता या बातचीत नहीं हुई है।
- कार्यकर्ताओं की चिंता: उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर इस वक्त बांग्लादेश में भीषण दमन चक्र चल रहा है। मैं उन्हें इस हाल में नहीं छोड़ सकती।”
Sheikh Hasina Bangladesh Return Announcement “अगर मौत आनी है, तो अपनी ही धरती पर आए”
इंटरव्यू के दौरान शेख हसीना काफी भावुक नजर आईं। अपनी जान को खतरे के सवाल पर उन्होंने दृढ़ता से कहा:
“वे मुझे लौटने पर तुरंत गिरफ्तार कर सकते हैं या मेरी हत्या भी कर सकते हैं। फिर भी, मुझे जाना ही होगा। अगर मौत आती है, तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी धरती पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां मेरे परिवार का खून बहा था।”
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में हुए भारी तख्तापलट और छात्र विद्रोह के बाद शेख हसीना को अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर सुरक्षित शरण के लिए भारत आना पड़ा था। ट्रिब्यूनल के फैसले और उनके इस नए ऐलान के बाद भारत, बांग्लादेश और दक्षिण एशियाई देशों की कूटनीति में एक नया राजनीतिक उबाल आना तय माना जा रहा है।





