BY
Yoganand Shrivastava
Mysterious Experiences & Urban Legends ऐतिहासिक किलों और महलों के शहर ग्वालियर में एक ऐसी इमारत भी है, जो इतिहास से ज्यादा अपने रहस्यमयी किस्सों के लिए जानी जाती है। शहर के पॉश और व्यस्त इलाके हरिशंकर पुरम में स्थित ‘बलवंत राव शिंदे की कोठी’ को मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित रहस्यमयी जगहों (Haunted Places in MP) में गिना जाता है। कभी आधुनिक वास्तुकला की मिसाल रही यह कोठी आज एक वीरान खंडहर में तब्दील हो चुकी है, जहाँ दिन के उजाले में भी लोग कदम रखने से डरते हैं।

Mysterious Experiences & Urban Legends कौन थे बलवंत राव शिंदे और क्यों बनी यह कोठी?
‘बलवंत भैया’ के नाम से मशहूर बलवंत राव शिंदे का जन्म करीब 1885 में हुआ था। वह सिंधिया राजघराने (Scindia Royal Family) से ताल्लुक रखते थे। वे न केवल एक उच्च शिक्षित विद्वान और इतिहासकार थे, बल्कि कला प्रेमी और कुशल आर्किटेक्ट (Architect) भी थे। उन्होंने ग्वालियर के इतिहास और संस्कृति पर कई पुस्तकें भी लिखीं।
अपने जीवन के उत्तरार्ध में, सांसारिक शोर-शराबे से दूर एकांतवास और अध्यात्म (Spirituality & Meditation) के लिए उन्होंने शहर से दूर एक ऊंची पहाड़ी पर इस भव्य कोठी का निर्माण करवाया था। उस दौर में इस कोठी में घोड़ों के लिए अस्तबल से लेकर हवा और रोशनी के प्रबंधन की सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं।

Mysterious Experiences & Urban Legends खंडहर बनते ही जुड़ गए डरावने किस्से
वक्त बदला और बलवंत राव के जाने के बाद यह आलीशान इमारत देखरेख के अभाव में खंडहर बन गई। आज इसके आसपास घनी आबादी बस चुकी है, लेकिन इस कोठी का सन्नाटा जस का तस है।
- अजीब अहसास का दावा: स्थानीय निवासियों और वहां से गुजरने वाले कई लोगों का दावा है कि कोठी के पास जाते ही एक अजीब सी बेचैनी और किसी अदृश्य साये की मौजूदगी (Paranormal Activities) का अहसास होता है।
- ‘चले जाओ’ की आवाजें: कुछ लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि इस वीरान परिसर में कदम रखने पर ऐसा लगता है जैसे कोई पीछे से टोक रहा हो या वहां से लौट जाने को कह रहा हो। (नोट: वैज्ञानिक आधार न होने के कारण इन दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती।)
Mysterious Experiences & Urban Legends असामाजिक तत्वों का डेरा, अस्तित्व पर संकट
अतीत की कई अनकही कहानियों को समेटे यह ऐतिहासिक इमारत आज अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही है। रख-रखाव न होने के कारण जहाँ मौसम की मार इसे खोखला कर रही है, वहीं कुछ असामाजिक तत्वों ने भी इसे काफी नुकसान पहुँचाया है। अंधविश्वास और डर के साये के बीच, यह कोठी आज भी अपनी मजबूत दीवारों के साथ खड़ी है और आने-जाने वालों के लिए कौतूहल और रहस्य का विषय बनी हुई है।





