BY: Yoganand Shrivastva
तिरुवनंतपुरम – दुबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफरीदी के जोरदार स्वागत पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन केरल की प्रवासी संस्था CUBAA (कोचिन यूनिवर्सिटी बीटेक एलुमनाई एसोसिएशन) द्वारा किया गया था। सोशल मीडिया पर जब इस कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ तो देशभर में इसकी आलोचना शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर CUBAA ने माफी मांगते हुए सफाई पेश की है।
क्या था मामला?
CUBAA ने हाल ही में दुबई में एक इंटर-कॉलेज डांस प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसी इवेंट के दौरान शाहिद आफरीदी की मौजूदगी और उनके स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें भीड़ ‘बूम बूम’ के नारे लगाते दिखी। आफरीदी ने इस दौरान केरल और वहां के व्यंजनों की तारीफ भी की।
विरोध क्यों हुआ?
इस वीडियो के सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स और खासकर राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने CUBAA की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि हाल ही में भारत और सेना के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने वाले व्यक्ति का इतना सम्मानजनक स्वागत क्यों किया गया? एक यूजर ने इसे “राष्ट्रीय भावना के खिलाफ” बताया तो दूसरे ने इसे “बेहद शर्मनाक” करार दिया।
CUBAA की सफाई और माफी
विवाद बढ़ता देख CUBAA ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान एसोसिएशन दुबई (PAD) के ऑडिटोरियम को वेन्यू के तौर पर बुक किया था, जो पहले भी इस्तेमाल किया गया था क्योंकि यह आर्थिक रूप से किफायती था।
बयान में कहा गया कि 25 मई को जब उनका इवेंट चल रहा था, उसी स्थान पर एक अन्य कार्यक्रम के लिए कुछ क्रिकेटर, जिनमें आफरीदी भी शामिल थे, वहां पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, शाहिद आफरीदी का वहां आना पूर्णतः अनायास और अप्रत्याशित था। CUBAA ने यह स्पष्ट किया कि न तो आफरीदी को बुलाया गया था और न ही वे आयोजन की अतिथि सूची में शामिल थे।
‘किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था’
CUBAA ने अपने बयान में लिखा, “हमें खेद है कि इस अनियोजित घटना की वजह से किसी की भावनाएं आहत हुईं। भीड़ की उत्सुकता को तत्काल नियंत्रित करना हमारे लिए मुश्किल हो गया था। हमारा उद्देश्य कभी किसी को आघात पहुंचाना नहीं था और हम इसके लिए हृदय से क्षमा मांगते हैं।”
भारतीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
उन्होंने यह भी कहा कि वे भारत की सांस्कृतिक विविधता और समावेशी भावना के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और भविष्य में ऐसी किसी स्थिति से बचने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतेंगे।





