सेबी का बड़ा एक्शन! जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर्स पर बैन, 200 करोड़ का फंड डायवर्जन पकड़ा गया

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सेबी का बड़ा एक्शन! जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर्स पर बैन, 200 करोड़ का फंड डायवर्जन पकड़ा गया

मुख्य बिंदु:

  • सेबी ने जेनसोल इंजीनियरिंग और उसके प्रमोटर्स अनमोल सिंह जग्गी व पुनीत सिंह जग्गी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
  • कंपनी के फंड्स का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
  • प्रमोटर्स को डायरेक्टर या प्रमुख पदों से हटाने का आदेश दिया गया है।
  • कंपनी और संबंधित संस्थाओं को शेयर बाजार में ट्रेडिंग से रोक दिया गया है।

क्या हुआ है?

सेबी की जांच में पता चला कि जेनसोल इंजीनियरिंग ने IREDA और PFC जैसी संस्थाओं से 975 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय प्रमोटर्स की निजी जरूरतों पर किया गया।

  • 200 करोड़ रुपये एक कार डीलर के जरिए वापस प्रमोटर-लिंक्ड कंपनियों में पहुंचाए गए।
  • इस पैसे का इस्तेमाल लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने और अन्य गैर-जरूरी खर्चों में किया गया।
  • सेबी ने इसे “प्रमोटर्स की पर्सनल पिगी बैंक” बताया।

कंपनी ने रेटिंग एजेंसियों को भी धोखा दिया

  • जेनसोल ने नकली दस्तावेज देकर खुद को “सही ऋण भुगतानकर्ता” साबित किया।
  • शेयर की कीमतों में हेराफेरी के भी आरोप लगे।
  • सेबी ने कहा— “कंपनी का प्रबंधन ऐसा चल रहा था जैसे यह कोई सार्वजनिक कंपनी नहीं, बल्कि प्रमोटर्स की अपनी दुकान हो।”

शेयरधारकों को नुकसान, स्टॉक गिरा 83%

  • इस साल जेनसोल का शेयर 83% गिरकर 129 रुपये पर पहुंच गया।
  • प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 70.72% से घटकर 35% रह गई।
  • सेबी ने चेतावनी दी— “निवेशक सावधान रहें, ऐसी कंपनियों में पैसा लगाने से पहले जांच कर लें।”

जेनसोल इंजीनियरिंग क्या करती है?

  • सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) का काम।
  • हाल में इलेक्ट्रिक व्हीकल लीजिंग के बिजनेस में भी उतरी थी।
  • फाइनेंशियल्स अच्छे दिखे: 2024 में स्टैंडअलोन प्रॉफिट 80 करोड़ रुपये
  • लेकिन अब पता चला कि यह खातों में हेराफेरी का नतीजा हो सकता है।

सेबी का संदेश साफ— “बाजार की साख बचाना हमारी प्राथमिकता”

  • सेबी ने कहा— “ऐसे केस निवेशकों के भरोसे को ठेस पहुंचाते हैं। हम ऐसी गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
  • कंपनी ने हाल में 1:10 स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की थी, जिससे रिटेल निवेशकों का ध्यान खींचने की कोशिश की गई। सेबी ने इस पर भी नजर रखी।

क्या आगे होगा?

  • सेबी ने अंतरिम आदेश जारी किया है, पूरी जांच चल रही है।
  • अगर दोष साबित हुआ, तो प्रमोटर्स पर भारी जुर्माना और लंबी पाबंदी लग सकती है।
  • निवेशकों को सलाह— “ऐसे शेयरों में पैसा लगाने से पहले कंपनी के फंड यूज और प्रमोटर्स के इतिहास की जांच करें।”

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