चीन के त्येनजिन शहर में चल रहा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन इस समय सुर्खियों में है। दूसरे दिन हो रहे प्लेनरी सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही हिस्सा लेंगे और अपना संबोधन देंगे। इसके साथ ही, पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अहम मुलाकात भी तय है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
पीएम मोदी किन मुद्दों को उठा सकते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में कई बड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। उम्मीद है कि वे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराएंगे और SCO के सहयोगी देशों से मजबूत कदम उठाने की अपील करेंगे।
संभावित प्रमुख बिंदु:
- आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सख्त सहयोग पर जोर
- हाल ही में हुए पहलगाम हमले और सीमा-पार आतंकवाद का मुद्दा
- स्थानीय करेंसी में व्यापार बढ़ाने पर विचार
- SCO डेवलपमेंट बैंक की स्थापना का प्रस्ताव
पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात
आज सुबह 9:45 बजे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच लगभग 45 मिनट की द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है:
- भारत-रूस आपसी संबंध और व्यापार
- यूक्रेन युद्ध का समाधान
- अमेरिकी टैरिफ का असर और उससे निपटने की रणनीति
यह मुलाकात केवल भारत और रूस के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम मानी जा रही है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrived at the venue of the Shanghai Cooperation Council (SCO) Summit in Tianjin, China.
— ANI (@ANI) September 1, 2025
PM Modi also had a candid interaction with Russian President Vladimir Putin and Chinese President Xi Jinping.
(Source: DD News) pic.twitter.com/qO6zEcDId5
यूक्रेन युद्ध पर चर्चा
पीएम मोदी की चीन यात्रा से ठीक पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने उनसे फोन पर बातचीत की थी और तत्काल सीजफायर की अपील की थी। माना जा रहा है कि पुतिन के साथ बैठक के दौरान मोदी इस मुद्दे पर शांति वार्ता और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर देंगे।
SCO सम्मेलन का यह चरण भारत के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। पीएम मोदी का संबोधन और पुतिन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात न केवल आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों को उजागर करेंगे, बल्कि वैश्विक राजनीति और आर्थिक सहयोग पर भी दूरगामी असर डालेंगे।





