भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 28 सितम्बर 2025 को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को भव्य बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया को दिखाएगा।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत 2675 करोड़ रुपये की लागत से 33 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का विस्तारीकरण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और बेहतर होंगी।
नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन और जिला कार्यालय
मुख्यमंत्री ने नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन और कलेक्टर कार्यालय के 7 मंजिला भवन का भूमि पूजन किया। उनका कहना था कि सभी जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिप्रा नदी पर निर्माण और सुविधाएं
सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए घाट बनाए जा रहे हैं। पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही नदी पर नई पुलों की श्रृंखला और मेट्रो ट्रेन की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार नए पुलों से उज्जैन की काया ही बदल जाएगी और शिप्रा नदी और अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हो जाएगी।
किसानों और नागरिकों के लिए लाभकारी योजनाएं

सिंहस्थ की तैयारियों के साथ ही कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू की जा रही है, जिससे 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु-संतों की मंशा के अनुसार निर्माण कार्य हो रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा, क्राउड मैनेजमेंट और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रमुख विकास कार्यों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में कुल 11 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया, जिनमें शामिल हैं:
- शिप्रा नदी पर नए पुलों का निर्माण और पुराने पुलों का उन्नयन
- प्रमुख मार्गों पर नवीन विश्राम गृह और आवासीय भवन निर्माण
- 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का 200 बिस्तरीय उन्नयन
- पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर सुविधा केंद्रों का निर्माण
- केंद्रीय जेल में आवास गृहों का निर्माण
अधिकारी और नागरिक उपस्थित
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सिंहस्थ-2028 की तैयारी से उज्जैन का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि ये सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से संपन्न होंगे, जिससे उज्जैन विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।





