वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टूटी उंगली के बावजूद तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टूटी उंगली के बावजूद तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के चौथे टेस्ट में जब टीम इंडिया संकट में थी, तभी मैदान पर उतरे ऋषभ पंत और घायल शरीर से ऐसी पारी खेली जिसने इतिहास रच दिया। उनकी यह जुझारू पारी न केवल भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा बनी, बल्कि उन्होंने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड भी तोड़ डाला।


चोट के बावजूद मैदान में लौटे पंत

इंग्लैंड के खिलाफ चल रहे चौथे टेस्ट मैच में पंत को क्रिस वोक्स की गेंद पैर की अंगुली पर लगी, जिससे खून निकल आया और अंगुली में सूजन आ गई। उस वक्त पंत 37 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।

  • स्कैन रिपोर्ट में उंगली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई
  • टीम इंडिया संकट में थी जब शार्दुल ठाकुर आउट हुए
  • पंत ने घायल होने के बावजूद मैदान पर वापसी की

अर्धशतक लगाकर बनाया नया कीर्तिमान

वापसी के बाद पंत ने ना सिर्फ 17 रन और जोड़े, बल्कि 54 रनों की पारी खेलकर टीम को संभाला। इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 2 छक्के लगाए।

खास बातें:

  • चौथे टेस्ट की पहली पारी में बनाए 54 रन
  • वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कुल रन: 2731
  • रोहित शर्मा का पिछला रिकॉर्ड: 2716 रन
  • WTC में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने

टेस्ट करियर में अब तक 8 शतक

ऋषभ पंत इस इंग्लैंड दौरे पर शानदार फॉर्म में हैं। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने के बाद उन्होंने दूसरे और तीसरे टेस्ट में अर्धशतक भी जमाए।

पंत के टेस्ट आंकड़े:

  • टेस्ट डेब्यू: 2018
  • कुल टेस्ट मैच: 47
  • कुल रन: 3427
  • शतक: 8

टीम इंडिया की पहली पारी – 358 रन

भारत ने चौथे टेस्ट की पहली पारी में 358 रन बनाए। शुरुआत में केएल राहुल (46 रन) और यशस्वी जायसवाल (58 रन) ने अच्छी ओपनिंग दी। इसके बाद शुभमन गिल सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन शार्दुल ठाकुर (41 रन) और ऋषभ पंत (54 रन) की साझेदारी ने स्कोर को मजबूती दी।

पारी की झलक:

  • राहुल-जायसवाल की साझेदारी: 94 रन
  • शार्दुल-पंत का योगदान: 95 रन
  • इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स ने लिए 5 विकेट

हिम्मत और हुनर का नाम है ऋषभ पंत

एक टूटी हुई हड्डी, मैदान छोड़ना, दर्द सहकर फिर से खेलना – और रिकॉर्ड तोड़ देना। ऋषभ पंत की यह पारी सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि क्रिकेट में आत्मबल और समर्पण की मिसाल है। उनके प्रदर्शन ने दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य में भी एक मजबूत और निडर खिलाड़ी की जरूरत है, तो वो पंत हैं।