Report: Vijay tiwari
Rewa केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देशव्यापी आह्वान पर आज रीवा में भी व्यापक असर देखने को मिला। सवर्ण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और बाजार बंद कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पूरा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

संगठनों ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध
Rewa रविवार सुबह से ही विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता रीवा की मुख्य सड़कों और बाजारों में एकत्र होने लगे। प्रदर्शनकारियों ने घूम-घूमकर व्यापारियों से समर्थन की अपील की और दुकानें बंद कराईं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे कानून समाज को बांटने वाले हैं। प्रदर्शन के दौरान ‘एक समान अधिकार’ और ‘जातिगत भेदभाव खत्म करने’ के नारे भी लगाए गए।
भारी पुलिस बल की निगरानी में शांतिपूर्ण बंद
Rewa बंद के आह्वान को देखते हुए रीवा प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभाला ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जबरन दुकान बंद कराने जैसी स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस की सक्रियता के कारण शहर में कहीं भी हिंसा या टकराव की खबर सामने नहीं आई।

‘कानून रद्द हो और समानता मिले’– प्रमुख मांगें
Rewa विरोध कर रहे संगठनों की मुख्य मांग है कि प्रस्तावित कानून को पूरी तरह से रद्द किया जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जातियों को आपस में लड़ाने के बजाय सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे सभी नागरिकों को एक समान देखा जाए। उनका आरोप है कि भेदभावपूर्ण नीतियों से सामाजिक सद्भाव बिगड़ रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





