संवाददाता: राजेश साहू
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 12 जुलाई 2009 को हुए भीषण नक्सली हमले में देश ने अपने 29 बहादुर जवानों को खो दिया था। इन वीर शहीदों में बालोद जिले के देवरी ग्राम निवासी रितेश वैष्णव भी शामिल थे। उनकी शहादत और स्मृति को नमन करते हुए, देवरी के सुरसुली गांव में संकल्प जनसेवा समिति द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जनसेवा को समर्पित कार्यक्रमों की श्रृंखला
कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच शिविर, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, खेल प्रतियोगिताएं और हेलमेट वितरण जैसे विविध जनसेवी कार्य शामिल रहे।
इस दौरान शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया और समाज को सेवा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया गया।
150 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान, हेलमेट भेंट कर हुआ सम्मान
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में 150 से अधिक रक्तदाताओं ने भाग लिया और रक्तदान कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी रक्तदाताओं को आयोजकों द्वारा हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य न केवल रक्तदान को बढ़ावा देना था, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाना था।
नेताओं ने याद किया 12 जुलाई का वह काला दिन
इस अवसर पर मौजूद छत्तीसगढ़ शासन की राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त और पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा—
“12 जुलाई 2009 छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे दुखद दिन था। हम शहीदों को भूल नहीं सकते। यह आयोजन शहीदों की स्मृति को समाज सेवा के माध्यम से जीवित रखने का प्रयास है।”
भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा—
“यह आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है। वृक्षारोपण, रक्तदान और खेल प्रतियोगिताएं समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाती हैं।”
हर वर्ग की सहभागिता, युवाओं के लिए मंच
सुरसुली गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली।
- स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच करवाई
- खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को सक्रियता और नेतृत्व का अवसर मिला
- पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण किया गया





