कचरा गाड़ी में ढोए जा रहे कर्मचारी
राजधानी रायपुर में जहां एक ओर पुलिस और यातायात विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रायपुर नगर निगम खुद ही यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है। ताजा मामला राजधानी से सामने आया है, जहाँ कचरा गाड़ी में निगम कर्मचारियों को खतरनाक ढंग से ढोया जा रहा है।
हादसे को दे रहे न्योता
व virअभ्यास के नाम पर सड़कों पर जागरूकता फैलाने वाली निगम प्रशासन की यह तस्वीर उसकी लापरवाही और दोहरे रवैये की पोल खोलती है। निगम की कचरा गाड़ियों में सुरक्षा उपकरणों के बिना कर्मचारियों को बैठाकर इधर-उधर ले जाया जा रहा है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
खरोरा हादसे से भी नहीं सीखा सबक
गौरतलब है कि हाल ही में खरोरा क्षेत्र में एक मालगाड़ी से टकराकर कचरा वाहन की दुर्घटना हो गई थी, जिसमें गंभीर जनहानि की स्थिति बनी थी। बावजूद इसके रायपुर नगर निगम ने न तो सुरक्षा मानकों को अपनाया और न ही कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
सड़क सुरक्षा अभियान पर उठे सवाल
रायपुर पुलिस और यातायात विभाग के साथ मिलकर नगर निगम शहरभर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर अभियान चला रहा है, लेकिन स्वयं निगम प्रशासन ही इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। इससे सवाल उठता है कि जब नियम बनाने वाला ही नियमों का पालन नहीं करेगा, तो आम नागरिकों से अपेक्षा कैसे की जा सकती है?
कर्मचारी भी असुरक्षित
कचरा गाड़ियों में सफाई कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ढोना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानव अधिकारों का भी हनन है। प्रशासन की यह लापरवाही कर्मचारियों की जान जोखिम में डाल रही है।
अब देखना यह है कि इस लापरवाही पर उच्च प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या रायपुर नगर निगम अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा या फिर इसी तरह नियमों की अनदेखी करता रहेगा।





