By: Vijay Nandan
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राहुल गांधी पहले भी सवाल उठा चुके हैं और इस बार उन्होंने विदेश नीति को विफल करार देते हुए कई तीखे प्रश्न उठाए हैं। राहुल गांधी का दावा है कि सरकार ने पाकिस्तान को हमले की जानकारी पहले ही दे दी थी, जिससे देश की सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई की गोपनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए राहुल को “निशान-ए-पाकिस्तान” तक कह डाला।
राहुल गांधी के सवाल
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा,
“क्या जयशंकर बताएंगे कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों जोड़ा गया? जब पाकिस्तान की निंदा का समय आया, तो कोई देश हमारे साथ क्यों नहीं खड़ा हुआ? किसने ट्रंप को भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया? भारत की विदेश नीति पूरी तरह से चरमरा गई है।”
इस बयान के बाद भाजपा ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारतीय सेना की वीरता को कम करके आंक रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों से देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
वीडियो के जरिए लगाए आरोप
17 मई को राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया जिसमें एस. जयशंकर का पुराना बयान दिखाया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि भारत ने हमले से पहले पाकिस्तान को सूचना दे दी थी, जिसे उन्होंने ‘अपराध’ करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया:
- इस निर्णय के लिए किसने अधिकृत किया?
- इस सूचना से हमारे कितने वायुसेना के विमान प्रभावित हुए?
इसके बाद 19 मई को राहुल ने एक और पोस्ट कर सवाल दोहराए:
“विदेश मंत्री की चुप्पी केवल राजनीति नहीं, बल्कि निंदनीय है। देश को यह जानने का अधिकार है कि हमारी वायुसेना को कितना नुकसान हुआ। यह गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है।”

विदेश मंत्री जयशंकर की सफाई
15 मई को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए जयशंकर ने कहा था,
“हमने आतंकी ढांचे को खत्म करने का अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। हमने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि हमारा निशाना आतंकी ठिकाने हैं, न कि उनकी सेना। अब यह पाकिस्तान की सेना पर था कि वह इसमें हस्तक्षेप करती है या नहीं।”
विदेश मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण
विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज किया। मंत्रालय ने कहा कि राहुल का बयान तथ्यों का गलत चित्रण है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद ही पाकिस्तान को संदेश दिया गया था, और वह भी इसलिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लक्ष्य आतंकी ढांचे हैं, न कि सेना।
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi's tweet asking how many aircraft we lost, BJP leader Gaurav Bhatia says, "You can ask any question in an all-party meeting of the MEA briefing. Your questions can be answered… But such activities by Rahul Gandhi are not innocent.… pic.twitter.com/y988AVnlh6
— ANI (@ANI) May 23, 2025
भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा,
“राहुल गांधी यह तय करें कि वे भारत के विपक्ष के नेता हैं या पाकिस्तान के एजेंडे के प्रचारक। उनके बयान का इस्तेमाल इस्लामाबाद भारत को बदनाम करने के लिए कर रहा है।”
उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी हमारे वीर सशस्त्र बलों की वीरता को कमतर न आंकें और ऐसी टिप्पणियां न करें, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यह कोई बचकाना हरकत नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य है, जो देशविरोधी एजेंडों को बढ़ावा देता है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राहुल गांधी और एस. जयशंकर के बीच जुबानी जंग गहराती जा रही है। जहां राहुल इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रहित और सशस्त्र बलों के सम्मान से जोड़ते हुए राहुल पर राजनीतिक हमला कर रही है। इस पूरी बहस ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।





