पुतिन का ट्रम्प को संदेश: “भारत-चीन को टैरिफ से नहीं डरा सकते, झुकेंगे तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी”

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BY: Yoganand Shrivastva

बीजिंग: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को कड़ी चेतावनी दी है कि वे भारत और चीन को टैरिफ लगाकर धमकाना बंद करें। पुतिन ने कहा कि ये दोनों देश किसी भी बाहरी दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर इन देशों के नेता अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हैं, तो उनका राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है।


पुतिन का सख्त रुख: “औपनिवेशिक युग खत्म”

चीन में विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बातचीत में पुतिन ने कहा कि अमेरिका को अपने रवैये में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा:

“औपनिवेशिक युग अब इतिहास बन चुका है। अमेरिका अपने साझेदारों से इस तरह की भाषा में बात नहीं कर सकता। भारत और चीन दोनों ही मजबूत राष्ट्र हैं, जो अपनी नीतियों पर अडिग रहेंगे।”

पुतिन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में अमेरिका और इन देशों के बीच तनाव कम होगा और सामान्य कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू होगी।


ट्रम्प का टैरिफ हथियार और विवाद

ट्रम्प हाल ही में एक रेडियो शो में टैरिफ को “जादुई हथियार” बताते हुए दावा कर चुके हैं कि उन्होंने इसके जरिए 7 युद्धों को रोकने में मदद की। उनका आरोप है कि भारत रूसी तेल खरीदकर खुले बाजार में बेच रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में सहायता मिल रही है।

अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें 25% बेस टैरिफ और 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल है। चीन पर यह दर 30% है।
भारत सरकार का कहना है कि वह अपने नागरिकों और किसानों के हितों के अनुसार नीतियां बनाएगी, किसी बाहरी दबाव में नहीं।


SCO समिट में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात

1 सितंबर को चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ मंच पर नजर आए। फोटो सेशन में तीनों नेताओं ने हाथ मिलाकर दोस्ती का संदेश दिया, जिससे अमेरिकी खेमे में बेचैनी बढ़ी।

मोदी ने रूस को “विशेष और विश्वसनीय साझेदार” बताया, जबकि शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों को एक-दूसरे के साथ दोस्ती बनाए रखनी चाहिए।


पुतिन- मोदी की 50 मिनट की सीक्रेट कार मीटिंग

SCO बैठक के बाद पुतिन ने मोदी को अपनी AURUS लिमोजिन में बैठाकर वन-टू-वन बातचीत की। होटल पहुंचने के बाद भी दोनों करीब 50 मिनट तक कार में ही चर्चा करते रहे।

मॉस्को के राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत बेहद गोपनीय थी, जिसमें ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बात हुई, जिन पर सार्वजनिक रूप से चर्चा संभव नहीं।


अमेरिकी सलाहकार की प्रतिक्रिया: “मोदी का पुतिन-जिनपिंग के साथ खड़ा होना शर्मनाक”

ट्रम्प के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने मोदी, पुतिन और जिनपिंग की नजदीकियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का इन नेताओं के साथ खड़ा होना “शर्मनाक” है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अमेरिका के साथ संबंधों को प्राथमिकता देगा।


भारत-चीन पर अमेरिकी टैरिफ का दबाव

  • भारत पर कुल 50% अमेरिकी टैरिफ लगाया गया है।
  • चीन फिलहाल 30% टैरिफ का सामना कर रहा है।
  • ट्रम्प का दावा है कि भारत की नीतियां रूस को मजबूत कर रही हैं।
  • भारत का कहना है कि वह राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।

SCO में भारत-रूस-चीन की दोस्ती ने बढ़ाई अमेरिका की चिंता

तियानजिन में हुई SCO बैठक में तीनों नेताओं का साथ में दिखना और उनकी गहरी बातचीत ने संकेत दिया कि एशिया का रणनीतिक समीकरण बदल रहा है। अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ और दबाव की नीति के बावजूद भारत-रूस-चीन का सहयोग मजबूत हो रहा है।

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