PoK: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने गोलीबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। संगठन का दावा है कि पिछले तीन दिनों के दौरान कम से कम 40 लोगों की जान गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
PoK: JAAC ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का लगाया आरोप
JAAC के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। उनके अनुसार, विरोध मार्च के दौरान ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनका उपयोग सामान्य तौर पर सैन्य मोर्चों पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए।
PoK: उमर नजीर कश्मीरी ने भाई की मौत का भी किया दावा
उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि इस कार्रवाई में उनके सगे भाई की भी गोली लगने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतकों के अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए मुजफ्फराबाद की ओर निकाले जा रहे मार्च को कुछ समय के लिए रोका गया है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद आंदोलन और विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू किए जाएंगे।
PoK: पिछले दो महीनों से जारी है आंदोलन
JAAC और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते करीब दो महीनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों ने सख्त कार्रवाई की है। वहीं पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है।
PoK: तीन दिनों में 40 मौतों का दावा, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
स्थानीय नेताओं ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में लगभग 40 लोगों की मौत हुई है। उनके मुताबिक, इनमें से करीब 20 मौतें मीरपुर क्षेत्र में हुईं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मृतकों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों में भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
PoK: आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप
उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनका उपयोग सामान्य तौर पर नियंत्रण रेखा (LoC) पर सैन्य अभियानों में किया जाता है। उनका कहना है कि निहत्थे नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है।
PoK: मुजफ्फराबाद मार्च को अंतिम संस्कार के लिए रोका गया
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग शांतिपूर्ण तरीके से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे थे। लेकिन गोलीबारी में जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मार्च को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। संगठन ने कहा कि यह केवल अस्थायी फैसला है और आंदोलन जारी रहेगा।
PoK: इंटरनेट सेवाएं बाधित होने का दावा
JAAC नेताओं का दावा है कि क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि इसके बावजूद विभिन्न माध्यमों से घटनाओं की जानकारी बाहर पहुंच रही है। संगठन का आरोप है कि पिछले 52 से 53 दिनों में करीब 100 लोगों की मौत हुई है, हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
PoK: पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर उठ रहे सवाल
विरोध प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी संगठन निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, आधिकारिक स्तर पर अभी तक सभी आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है और घटनाक्रम पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।



