BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi 18वीं लोकसभा के सातवें सत्र की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सदन स्थगित होते ही महिला आरक्षण से जुड़े ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने इसे विपक्ष की विकास विरोधी मानसिकता करार दिया है।

New Delhi प्रियंका गांधी का आरोप: ‘आरक्षण की आड़ में परिसीमन का खेल’
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिसे ‘महिला आरक्षण बिल’ कहा जा रहा है, वह असल में ‘परिसीमन बिल’ है।
- साजिश का दावा: प्रियंका ने कहा कि सरकार की साजिश अब जनता के सामने उजागर हो गई है। विपक्ष महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन इसकी आड़ में थोपी जा रही परिसीमन योजना को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- 2023 के कानून की मांग: उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार वाकई गंभीर है, तो उसे 2023 के पुराने महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करना चाहिए। अगर सरकार ऐसा करती है, तो पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा होगा।
#WATCH | Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "Our stand is very clear. The entire INDIA alliance has made its stand very clear, and this vote has made it even clearer that, in our understanding, this bill that was introduced and the three-day discussion was not about… pic.twitter.com/6GkCRVtPXK
— ANI (@ANI) April 18, 2026
New Delhi बीजेपी की रणनीति: राज्यों में आएगा ‘निंदा प्रस्ताव’
New Delhi विपक्ष के कड़े रुख को देखते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की।

- विशेष सत्र की तैयारी: नितिन नवीन ने निर्देश दिया है कि सभी बीजेपी शासित राज्य अपनी विधानसभाओं का एक दिन का विशेष सत्र बुलाएं।
- विपक्ष की घेराबंदी: इस सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण और विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए विपक्ष के खिलाफ “निंदा प्रस्ताव” पारित करना होगा, ताकि जनता के बीच विपक्ष की नकारात्मक छवि को ले जाया जा सके।
New Delhi संसद सत्र का लेखा-जोखा: 93% रही कार्य उत्पादकता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन स्थगित करने से पहले सत्र का विवरण साझा किया:

- बैठकें: 18वीं लोकसभा के इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं।
- समय: सदन की कार्यवाही कुल 151 घंटे और 42 मिनट तक चली।
- उत्पादकता: इस सत्र के दौरान सदन की कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। सत्र के समापन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित विपक्ष के कई दिग्गज नेता सदन में मौजूद थे।
सियासी समीकरण: विपक्ष का मानना है कि परिसीमन के जरिए सरकार चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार इसे महिला सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य प्रक्रिया बता रही है। संसद भले ही शांत हो गई हो, लेकिन अब यह लड़ाई सड़क और राज्यों की विधानसभाओं तक पहुँचने वाली है।
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