BY: Yoganand Shrivastva
बेंगलुरु : सुड्डागुंटेपल्या इलाके में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिल्पा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। महिला के माता-पिता ने पुलिस को शिकायत दी कि शादी के बाद से उसे पति के परिवार द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। शिल्पा की शादी ढाई साल पहले पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रवीण से हुई थी और दंपति का एक डेढ़ साल का बच्चा भी है।
पेशे और परिवार
शिल्पा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करती थीं। प्रवीण ओरेकल में कार्यरत थे, लेकिन शादी के एक साल बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर खाद्य व्यवसाय शुरू किया।
दहेज के लिए लगातार दबाव
शिकायत के अनुसार, प्रवीण के परिवार ने शादी में 15 लाख नकद, 150 ग्राम सोने के आभूषण और घरेलू सामान की मांग की, जिसे पूरा किया गया। इसके बावजूद, बार-बार अतिरिक्त धन और कीमती सामान की मांग जारी रही। छह महीने पहले शिल्पा के परिवार पर 5 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया, ताकि प्रवीण के व्यवसाय को सहारा मिल सके।
साथ ही, शिल्पा के सांवले रंग को लेकर उन्हें बार-बार अपमानित किया गया। कथित तौर पर शिल्पा की सास कहती थीं, “तुम काली हो और मेरे बेटे के लिए अच्छी नहीं हो, हम उसे बेहतर दुल्हन देंगे।”
पुलिस कार्रवाई
सुद्दागुंटेपल्या थाने में दहेज उत्पीड़न और अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया। प्रवीण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त देख रहे हैं। शिल्पा का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया।
संदिग्ध परिस्थितियाँ और गर्भावस्था
शिल्पा उस समय डेढ़ महीने की गर्भवती थीं। रिश्तेदारों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर यह आत्महत्या थी, तो शव को पुलिस आने से पहले कैसे हटाया गया और प्रारंभ में दिल का दौरा पड़ने का दावा क्यों किया गया। उनका मानना है कि यह सुनियोजित हत्या हो सकती है।