पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड में देश को संबोधित किया

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पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड में देश को संबोधित किया

BY: MOHIT JAIN

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड के जरिए देशवासियों से संवाद किया। यह नए जीएसटी स्लैब लागू होने के बाद उनका पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम था। इस दौरान उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, नौसेना के पराक्रम और ग्रामीण एवं महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों पर जोर दिया।

छठ पूजा को UNESCO सूची में शामिल कराने का प्रयास

पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार छठ महापर्व को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची (Intangible Cultural Heritage List) में शामिल कराने के प्रयास कर रही है।

“जब छठ पूजा UNESCO सूची में शामिल हो जाएगी, तो दुनिया के कोने-कोने में लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर पाएंगे।”

पीएम ने यह भी याद दिलाया कि कोलकाता की दुर्गा पूजा पहले ही UNESCO सूची में शामिल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं और छठ पूजा अब न केवल देश का, बल्कि वैश्विक स्तर का पर्व बनता जा रहा है।

लता मंगेशकर को भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि लता दीदी के गीत मानवीय भावनाओं को झकझोरते हैं और उनके देशभक्ति गीत आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि लता दीदी हर साल उन्हें राखी भेजना कभी नहीं भूलती थीं। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों से ‘स्वदेशी अपनाने’ का आह्वान किया।

गांधी जयंती पर स्वदेशी और खादी को अपनाने का संदेश

पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर स्वदेशी और खादी को अपनाने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद खादी का आकर्षण कम हो गया था, लेकिन पिछले 11 वर्षों में इसकी बिक्री में काफी वृद्धि हुई है।

पीएम मोदी ने कहा कि 2 अक्टूबर को हर नागरिक कुछ न कुछ खादी उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें कि ये स्वदेशी हैं, साथ ही इसे #VocalForLocal के साथ सोशल मीडिया पर साझा करें।

नौसेना की बहादुर महिला अधिकारी

पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारतीय उद्यमी और महिलाएं परंपरा और इनोवेशन को मिलाकर सफलता की नई कहानियां लिख रहे हैं। उन्होंने नौसेना की दो बहादुर महिला अधिकारियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा, का परिचय कराया। ये दोनों अधिकारी ‘नाविका सागर परिक्रमा’ के दौरान अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दे चुकी हैं। पीएम ने उनके साहस और निष्ठा की सराहना की और इसे देशवासियों के लिए प्रेरक उदाहरण बताया।

ग्रामीण और महिला उद्यमियों की प्रेरक सफलता

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण और महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां भी साझा की। उन्होंने कहा:

  • अशोक जगदीसन और प्रेम सेल्वराज ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर घास और केले के रेशों से योगा मैट बनाए और हर्बल रंगों से कपड़ों की रंगाई की। इससे 200 परिवारों को रोजगार मिला।
  • आशीष सत्यव्रत साहू ने आदिवासी बुनाई और वस्त्रों को ‘जोहरग्राम’ ब्रांड के जरिए वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
  • मधुबनी की स्वीटी कुमारी ने मिथिला पेंटिंग को महिलाओं के लिए आजीविका का साधन बनाया, जिससे 500 से अधिक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि ये प्रयास भारत की सशक्त महिला शक्ति और ग्रामीण उद्यमिता का उदाहरण हैं।

सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रेरक संदेश

इस एपिसोड में पीएम मोदी ने सांस्कृतिक विरासत, महिला शक्ति, नौसेना के पराक्रम और स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए देशवासियों से प्रेरणा लेने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उनका संदेश सरल और स्पष्ट था: त्योहार, महान विभूतियां और स्वदेशी उत्पाद हमें हमारी पहचान और गौरव से जोड़ते हैं।

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