अमेरिका और चीन के वैज्ञानिकों ने मिलकर प्लास्टिक कचरे को सीधे पेट्रोल में बदलने वाली एक नई तकनीक विकसित की है। यह खोज पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
यह तकनीक कैसे काम करती है?
- प्लास्टिक कचरे को सीधे पेट्रोल में बदला जा सकता है।
- प्रक्रिया कमरे के तापमान पर होती है, जिससे महंगी मशीनों या ज्यादा ऊर्जा की जरूरत नहीं पड़ती।
- मिक्स्ड प्लास्टिक वेस्ट को सिर्फ एक बार में और सामान्य तापमान व प्रेशर पर पेट्रोल में बदला जा सकता है।
वैज्ञानिकों की टीम
इस रिसर्च में शामिल हैं:
- अमेरिका की पैसिफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लेबोरेटरी
- कोलंबिया यूनिवर्सिटी
- जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख
- चीन की ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी
तकनीक के फायदे
- पेट्रोल के अलावा, इस प्रक्रिया से केमिकल्स और हाइड्रोक्लोरिक एसिड भी बनते हैं।
- ये उत्पाद पानी की सफाई, दवा निर्माण, खाने-पीने की इंडस्ट्री और पेट्रोलियम सेक्टर में उपयोगी हैं।
- यह खोज सर्कुलर इकॉनमी को सपोर्ट करती है, यानी कचरे को बर्बाद करने के बजाय उसे फिर से इस्तेमाल करने योग्य बनाना।
क्यों है यह खोज खास?
- यह पहली बार है कि प्लास्टिक कचरे को इतनी आसानी से और असरदार तरीके से पेट्रोल में बदला गया है।
- तकनीक 95% अधिक प्रभावशाली साबित हुई है।
- पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के लिए यह एक बड़ा कदम है।
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प्लास्टिक प्रदूषण और ऊर्जा संकट जैसी वैश्विक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह तकनीक भविष्य में पर्यावरण और उद्योग दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।





