BY: Yoganand Shrivastva
31 मई, 2025 – भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राज्यों में आज ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना है। मॉक ड्रिल का संचालन जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में किया जा रहा है।
इस अभियान में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं, रेलवे सुरक्षा बल समेत कई एजेंसियाँ सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। इस मॉक ड्रिल के तहत हवाई हमले जैसे परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए ब्लैकआउट और सायरन बजाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को यह सिखाया जा सके कि किसी हवाई हमले की स्थिति में उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
मॉक ड्रिल से जुड़ी ताज़ा जानकारियाँ:
अमृतसर में शेड्यूल
- शाम 5 से 6 बजे तक इमरजेंसी सेवाओं की तैयारी की ड्रिल
- शाम 6 से 7 बजे तक मुख्य मॉक ड्रिल
- रात 8 से 8:30 बजे तक ब्लैकआउट किया जाएगा
विशेष रूप से गोल्डन टेंपल और एयरपोर्ट क्षेत्र को ब्लैकआउट से बाहर रखा गया है।
जैसलमेर सीमा पर सुरक्षा कड़ी
- ड्रिल से पहले ही BSF ने बॉर्डर इलाकों पर निगरानी तेज कर दी है।
- हवाई खतरों से निपटने के लिए एंटी-एरियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके।
ड्रिल के दौरान क्या-क्या होगा?
- हवाई हमले के खतरे की सूचना देने के लिए सायरन बजेंगे।
- आम नागरिकों को बताया जाएगा कि हमले की स्थिति में कैसे खुद को सुरक्षित रखा जाए।
- ब्लैकआउट की प्रक्रिया को समझाया और अभ्यास कराया जाएगा, जिससे लोग जान सकें कि लाइट्स बंद कर किस तरह दुश्मन से बचाव किया जा सकता है।
इस अभ्यास का उद्देश्य केवल तैयारियों की जांच ही नहीं, बल्कि जनता को जागरूक करना भी है, ताकि संकट के समय वह घबराए नहीं बल्कि पहले से सिखाई गई प्रक्रिया को अपनाए।
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