BY: MOHIT JAIN
15 अगस्त 2020 का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए हमेशा यादगार रहेगा, इस दिन भारत के महान कप्तान और विकेटकीपर एमएस धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। धोनी ने अपने करियर में क्रिकेट की दुनिया में नए मानक स्थापित किए और भारतीय क्रिकेट का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।
संन्यास का ऐलान और अंतिम संदेश
शाम 7:29 बजे, धोनी ने सोशल मीडिया के जरिए संन्यास का ऐलान किया। उनका संक्षिप्त लेकिन भावनात्मक संदेश था:
“Thanks a lot for your support throughout. From 1929 hrs consider me as Retired.”
धोनी के इस संदेश ने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। लंबे समय से साथ रहे उनके दोस्त सुरेश रैना ने भी उसी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
‘थाला’ से लेजेंड तक: धोनी की पहचान
धोनी सिर्फ कप्तान नहीं, बल्कि क्रिकेट के आइकन, लीजेंड और ट्रॉफी कलेक्टर थे। उन्होंने अपने करियर में हर बड़े टूर्नामेंट में भारत को सफलता दिलाई और ICC हॉल ऑफ फेम में अपनी जगह बनाई।
- शांत स्वभाव और बुद्धिमत्ता से मशहूर
- रणची से लेकर विश्व के बड़े मंच तक की यात्रा
- क्रिकेट में नए मानक स्थापित करना
प्रमुख उपलब्धियां
धोनी ने भारतीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए और टीम को कई बड़े टाइटल दिलाए।
- T20 वर्ल्ड कप 2007: भारत को पहला T20 वर्ल्ड कप जिताया
- ODI वर्ल्ड कप 2011: दशकों की प्रतीक्षा के बाद भारत को ICC ODI वर्ल्ड कप दिलाया
- चैंपियंस ट्रॉफी 2013: आलोचकों को जवाब देते हुए चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया
अंतरराष्ट्रीय करियर का सार
धोनी ने 538 मैचों में 17,266 रन, 829 विकेटकीपिंग डिसमिसल और कई कीर्तिमान स्थापित किए। उनके टेस्ट करियर में 90 मैच, 4,876 रन, 6 शतक और 33 अर्धशतक शामिल हैं, जबकि उनका सर्वोत्तम स्कोर 224 रहा।
ODI में धोनी ने 350 मैचों में 10,773 रन, 10 शतक और 73 अर्धशतक बनाए। T20I में 98 मैचों में 1,617 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट T20 में 126.13 रहा।
IPL में जारी योगदान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए IPL में अपनी उपस्थिति बनाए रखी। पांच साल बाद भी उनका प्रदर्शन दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता है। धोनी ने केवल खेल में ही नहीं, बल्कि कप्तानी और नेतृत्व में भी भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। उनका नाम हमेशा ‘कैप्टन कूल’ के रूप में याद किया जाएगा।
घुटनों की समस्या और दौड़ने में कमी उनकी सबसे बड़ी चुनौती है। निर्णय अब धोनी के शरीर की रिकवरी और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करेगा। अगर वे फिट रहते हैं, तो उनकी कप्तानी, रणनीति और फिनिशिंग क्षमता CSK के लिए वरदान होगी।
वरना, वे ऐसी ऊंचाई पर विदाई लेंगे जहां से उनका नाम हमेशा क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।