New Income Tax Rules 2026: इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को ‘इनकम टैक्स रूल्स, 2026’ का नया ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया है। ये नियम अगले वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाना है, ताकि आम टैक्सपेयर आसानी से नियमों को समझ सकें और अनुपालन कर सकें।
नए ड्राफ्ट में नियमों और फॉर्म की संख्या में बड़ी कटौती की गई है। मौजूदा इनकम टैक्स रूल्स, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म थे, जिन्हें घटाकर अब 333 नियम और 190 फॉर्म कर दिया गया है। विभाग ने अनावश्यक प्रावधानों को हटाया है और समान प्रकृति के नियमों को एक साथ जोड़ा है, जिससे टैक्स सिस्टम की जटिलता कम होगी।
KIND ATTENTION TAXPAYERS!
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) February 8, 2026
With the Income-tax Act, 2025 set to come into force from 1st April 2026, the Draft Income-tax Rules & Forms, 2026 have been framed and placed in the public domain for feedback/comments from public & stakeholders.
👉Comments from stakeholders and public… pic.twitter.com/v2RG2qhlp4
New Income Tax Rules 2026: फॉर्म होंगे आसान और यूजर-फ्रेंडली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ही संकेत दिया था कि टैक्स नियमों और फॉर्म को सरल बनाया जाएगा। नए ड्राफ्ट में फॉर्म को नए सिरे से डिजाइन किया गया है, जिनकी भाषा अधिक स्पष्ट और आम आदमी के लिए समझने योग्य होगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे टैक्स फाइलिंग में प्रशासनिक और कानूनी उलझनें कम होंगी।

22 फरवरी तक मांगे गए सुझाव
CBDT ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक कर दिया है। आम नागरिक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, उद्योग जगत और अन्य हितधारक 22 फरवरी 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार इन सुझावों के आधार पर अंतिम नियम तैयार करेगी और फिर इन्हें आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा।

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New Income Tax Rules 2026: नए इनकम टैक्स बिल की चार अहम बातें
- असेसमेंट ईयर की जगह ‘टैक्स ईयर’: नए बिल में शब्दावली बदली गई है। बिल के पन्ने 823 से घटकर 622 हो गए हैं, हालांकि अध्यायों की संख्या 23 ही रहेगी।
- क्रिप्टो एसेट्स पर सख्ती: अब क्रिप्टो को भी अनडिस्क्लोज्ड इनकम के दायरे में रखा जाएगा, जैसे नकदी, बुलियन और ज्वेलरी।
- टैक्सपेयर्स चार्टर शामिल: करदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए चार्टर जोड़ा गया है, जिससे टैक्स प्रशासन ज्यादा पारदर्शी होगा।
- सैलरी कटौतियां एक जगह: स्टैंडर्ड डिडक्शन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसी कटौतियों को अब एक ही स्थान पर संकलित किया गया है।
नए इनकम टैक्स नियमों का उद्देश्य कर व्यवस्था को सरल बनाना, अनुपालन आसान करना और करदाताओं के भरोसे को मजबूत करना है। सरकार इसे ‘आधुनिक, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल’ टैक्स सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।





