Edit by: Priyanshi Soni
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारतों, सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1-2, का उद्घाटन करेंगे। दोपहर 1:30 बजे पीएम मोदी सेवा तीर्थ, कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय होगा, जबकि कर्तव्य भवनों में कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। शाम 6 बजे पीएम मोदी सेवा तीर्थ में जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
New Delhi: सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन की विशेषताएँ
- सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला है और इसके निर्माण पर 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। परिसर में तीन मुख्य इमारतें हैं: सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3।
- सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।
- सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है।
- सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे।
- सेवा तीर्थ का डिज़ाइन ओपन फ्लोर प्लान पर आधारित है, ताकि औपचारिकताओं में कमी, अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। इमारत को एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा वास्तुकला के साथ तैयार किया गया है और यह भूकंप प्रतिरोधी भी है।
New Delhi: कर्तव्य भवन 1 और 2

कर्तव्य भवन-1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। इन भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं शामिल हैं।
यह भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिज़ाइन किए गए हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और उच्च-प्रदर्शन वाली संरचनाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए इन भवनों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना लागू की गई है।
New Delhi: प्रशासनिक बदलाव और मील का पत्थर
PMO के अनुसार, यह उद्घाटन भारत की आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित शासन प्रणाली की दिशा में एक मील का पत्थर है। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में दशकों तक मंत्रालय और कार्यालय पुराने ढांचे में अलग-अलग स्थानों पर थे, जिससे समन्वय की चुनौतियां, उच्च रखरखाव लागत और कार्य वातावरण की समस्याएं बनी रहती थीं।
नए भवन परिसर प्रशासनिक कार्यों को एकीकृत और आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित करने में सक्षम हैं, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और भविष्य के लिए तैयार कार्य वातावरण सुनिश्चित होगा।





