MP Guest Faculty Conference Bhopal मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन’ में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस दौरान शासकीय महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर और तुलसी का पौधा भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया।

MP Guest Faculty Conference Bhopal सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वान हमारे परिवार के सदस्य हैं और युवा पीढ़ी का भविष्य संवारने वाले पावन मंदिर के पुजारी हैं। सरकार उनके परिश्रम का पूरा सम्मान करती है। अतिथि विद्वानों की सभी मांगों पर विचार करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जो देश के अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है। समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होते ही सरकार उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वानों के हित में सबसे बेहतर मॉडल वाली व्यवस्था लागू करेगी।
MP Guest Faculty Conference Bhopal उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य के शैक्षणिक विकास का ब्यौरा साझा किया:
- GER में सुधार: पहले राज्य के सकल पंजीयन दर (Gross Enrolment Ratio) और राष्ट्रीय दर में बड़ा अंतर था, लेकिन आज मध्य प्रदेश का जीईआर (GER) राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर हो चुका है।
- शून्य ड्रॉप आउट: स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की ड्रॉप आउट दर अब शून्य पर आ गई है।
- अधोसंरचना का विस्तार: प्रदेश के हर जिले में एक-एक ‘पीएमश्री एक्सीलेंस कॉलेज’ खोला गया है। इसके साथ ही खरगौन, गुना और सागर में नए शासकीय विश्वविद्यालयों की शुरुआत की गई है और स्कूल शिक्षा को मजबूत करने के लिए ‘सांदीपनि विद्यालय’ शुरू किए जा रहे हैं।
MP Guest Faculty Conference Bhopal अतिथि विद्वानों के हित में सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय
मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए 5 बड़े कदमों को रेखांकित किया:
- भर्ती में 25% आरक्षण व आयु सीमा में छूट: मप्र लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि विद्वानों के लिए 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं और उन्हें आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट भी दी गई है। इसके सुखद परिणाम रहे कि वर्ष 2022 में 117 और वर्ष 2024 में 48 अतिथि विद्वान नियमित सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त हो चुके हैं।
- अवकाश की सुविधा: अतिथि विद्वानों के लिए 13 आकस्मिक (CL) और 3 ऐच्छिक अवकाश (EL) की व्यवस्था की गई है। साथ ही महिला अतिथि विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश भी सुनिश्चित किया गया है।
- स्थान चयन की आजादी: अतिथि विद्वानों को उनके घर के पास का ही कॉलेज चुनने की विशेष सुविधा प्रदान की गई है।
- ट्रांसफर और फॉल-आउट की व्यवस्था: वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन करने की अनुमति और फॉल-आउट (सेवा से बाहर) होने की स्थिति में प्रत्येक माह दो अवसर देकर दोबारा काम पर रखने की पारदर्शी व्यवस्था की गई है।
MP Guest Faculty Conference Bhopal वर्ष 2029 तक मध्य प्रदेश को ‘नशामुक्त’ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से एक और बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश इस वर्ष नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। अब हमारी अगली बड़ी लड़ाई समाज में व्याप्त नशाखोरी के खिलाफ है। केंद्रीय गृह मंत्री ने वर्ष 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में हमारी सरकार ने वर्ष 2029 तक नशामुक्त मध्य प्रदेश बनाने का नया संकल्प लिया है। मैं प्रदेश के सभी अतिथि विद्वानों और युवाओं से अपील करता हूं कि वे इस अभियान में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करें।”
MP Guest Faculty Conference Bhopal सम्मेलन में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामयी कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, भारतीय मजदूर संघ के श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक डॉ. अशोक कड़ेल, अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) श्री मनीष सिंह सहित राज्य अतिथि विद्वान संघ के पदाधिकारी और प्रदेशभर से आए हजारों अतिथि विद्वान उपस्थित थे।





