BY
Yoganand Shrivastava
Datia Bypoll BJP Candidate Ashutosh Tiwari मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) ने दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को बड़ा झटका देते हुए इस बार आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगाई है।
शुक्रवार (10 जुलाई 2026) की शाम को जारी हुई इस सूची के बाद दतिया की सियासी हलचलें बेहद तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान होना तय हुआ है।

Datia Bypoll BJP Candidate Ashutosh Tiwari नरोत्तम मिश्रा के गढ़ में नया चेहरा
दतिया सीट लंबे समय से मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में उनका टिकट कटना या उनके प्रभाव वाली सीट पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया जाना राजनीतिक गलियारों में एक बड़े फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है:

- केंद्रीय नेतृत्व का फैसला: बीजेपी आलाकमान ने स्थानीय समीकरणों और जमीनी फीडबैक को ध्यान में रखते हुए इस बार आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है।
- नरोत्तम मिश्रा को झटका: मध्य प्रदेश सरकार में कद्दावर मंत्री रह चुके नरोत्तम मिश्रा के लिए इसे एक बड़े सियासी झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि दतिया की राजनीति में उनका हमेशा सीधा दखल रहा है।
Datia Bypoll BJP Candidate Ashutosh Tiwari चुनावी शेड्यूल पर एक नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा पहले ही तारीखों का ऐलान किया जा चुका है, जिसके तहत तैयारियां जोरों पर हैं:
- मतदान की तारीख: 30 जुलाई 2026 को क्षेत्र की जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी।
- प्रतिष्ठा की लड़ाई: बीजेपी के लिए इस सीट को बरकरार रखना और नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताना अब साख का सवाल बन गया है, वहीं विपक्ष भी इस नए सियासी घटनाक्रम के बाद अपनी रणनीति को धार देने में जुट गया है।
Datia Bypoll BJP Candidate Ashutosh Tiwari दतिया विधानसभा उपचुनाव: मुख्य बिंदु
| मुख्य विवरण | अपडेट व तारीख |
| विधानसभा क्षेत्र | दतिया (मध्य प्रदेश) |
| बीजेपी उम्मीदवार | आशुतोष तिवारी |
| मतदान (Voting) की तारीख | 30 जुलाई 2026 |
| घोषणा की तारीख | 10 जुलाई 2026 (शाम 06:28 बजे) |
| बड़ा सियासी उलटफेर | पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे पर दांव |
सियासी मायने: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को टिकट देकर एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को कम करने और क्षेत्र में नए नेतृत्व को उभारने की रणनीति अपनाई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नरोत्तम मिश्रा गुट इस फैसले के बाद क्या रुख अख्तियार करता है और आशुतोष तिवारी पार्टी के इस भरोसे पर कितने खरे उतरते हैं।





