BY: MOHIT JAIN
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मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई में देरी हो रही है। इसी कारण मौसम विभाग ने दशहरे तक बारिश के आसार जताए हैं। भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज पानी गिरने से फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा है।
अगले 24 घंटे का अलर्ट
- मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
- लोकल सिस्टम की वजह से कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।
- 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे 2 अक्टूबर (दशहरे) के दिन भी बारिश हो सकती है।
- रावण दहन समितियां अब पुतलों को सुरक्षित रखने की तैयारी कर रही हैं।
कहां-कहां हुई बारिश

रविवार को धार और बड़वानी जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। सेंधवा में पानी भरने से मक्के की फसल को नुकसान हुआ और एक कच्चा मकान गिर गया।
- नर्मदापुरम जिले में तवा डैम के 5 गेट खोले गए।
- नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा।
- बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर और सिवनी में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मानसून विदाई में देरी
अब तक 12 जिलों ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है।
- राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी वापसी हुई है।
- मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से मानसून की विदाई तेज होगी।
इस बार मानसून ने 16 जून को मध्यप्रदेश में एंट्री ली थी और अब तक यह सामान्य से अधिक बारिश दे चुका है।
औसत से ज्यादा बारिश

- 16 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 45 इंच बारिश दर्ज की गई है।
- सामान्य 37.2 इंच के मुकाबले 7.8 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है।
- यानी अब तक 122% बारिश हो चुकी है।
कौन सा जिला सबसे आगे, कौन पीछे
- गुना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला रहा, यहां अब तक 65.5 इंच पानी गिरा।
- मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
- सबसे कम बारिश वाले जिले रहे: शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार।





