Report: Neha gupta
Ara Circle Office Protest बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत आरा में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ विस्थापित परिवारों का गुस्सा भड़क उठा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बेघर हुए विस्थापित लोगों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले के बैनर तले आरा अंचल कार्यालय (सीओ ऑफिस) का जोरदार घेराव किया। इस दौरान अंचल कार्यालय परिसर में धरना देने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
Ara Circle Office Protest सड़कों पर निकला जुलूस, प्रतिबंध के बावजूद अंचल परिसर में पहुंचे प्रदर्शनकारी
कार्यालय घेराव से पहले विस्थापितों और भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने आरा शहर के मुख्य मार्ग से एक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीधे अंचल कार्यालय परिसर के भीतर दाखिल हो गए। उल्लेखनीय है कि अंचल अधिकारी (CO) द्वारा पहले ही सख्त हिदायत देते हुए कार्यालय परिसर के अंदर किसी भी प्रकार के धरने या प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन उग्र भीड़ ने इस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिससे वहां प्रशासनिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
Ara Circle Office Protest “गरीबों को उजाड़ रही है सम्राट चौधरी सरकार, बसाने की सुध नहीं”— माले नेता
Ara Circle Office Protest घेराव सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले और विस्थापित नेताओं ने राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी की मौजूदगी वाली इस सरकार में केवल गरीबों को उजाड़ने का एकतरफा काम किया जा रहा है, जबकि उनके पुनर्वास (बसाने) को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद ‘एपवा’ (AIPWA) की वरिष्ठ नेत्री शोभा मंडल और संगीता सिंह ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा:
“अगर सरकार या प्रशासन को किसी जमीन से अतिक्रमण हटाना ही है, तो गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलाने से पहले उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक जमीन, पक्का आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बिना पुनर्वास के गरीबों को बेघर करना सरासर अन्याय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
Ara Circle Office Protest अंचल अधिकारी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी, विस्थापितों ने उठाई मांगें
प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों ने अंचल अधिकारी की कार्यशैली को गरीब विरोधी बताते हुए उनके खिलाफ और सरकार के विरोध में जोरदार नारे लगाए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विस्थापितों को तुरंत व्यवस्थित नहीं किया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप अख्तियार करेगा। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कयामुद्दीन अंसारी, सुधीर कुमार, राजनाथ राम, ललन नट और गोरखनाथ अकेला सहित बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों की महिलाएं और बुजुर्ग मुख्य रूप से शामिल रहे।





