Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में प्रदेश के विकास, पर्यावरण और किसान कल्याण को लेकर कई अहम जानकारियां साझा की गईं। मुख्यमंत्री ने चीता प्रोजेक्ट की सफलता से लेकर डिजिटल गवर्नेंस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पचमढ़ी को मिली उपलब्धि तक, राज्य सरकार के विजन को मंत्रियों के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश अब न केवल विकास में, बल्कि नवाचार और पर्यावरण संरक्षण में भी देश का नेतृत्व कर रहा है।

Madhya Pradesh नौरादेही में दहाड़ेंगे चीते: कूनो और गांधी सागर के बाद अब तीसरा ठिकाना तैयार
मध्यप्रदेश में ‘चीता स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत करते हुए सरकार अब नौरादेही (रानी दुर्गावती अभयारण्य) को चीतों के तीसरे घर के रूप में विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले दो महीनों के भीतर यहाँ चीते छोड़े जाएंगे। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 5 नए शावकों के जन्म से चीतों का कुनबा बढ़ा है। इसके साथ ही, जैव विविधता को समृद्ध करने के लिए विभिन्न जल क्षेत्रों में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुए भी छोड़े जाएंगे।

Madhya Pradesh डिजिटल पंजीयन में MP बना देश का पहला राज्य: संपदा 2.0 से ‘पेपरलेस’ व्यवस्था
शासन में पारदर्शिता लाने की दिशा में मध्यप्रदेश ने संपदा 2.0 प्रणाली के जरिए इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रदेश में दस्तावेजों का ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस हो गया है। इस व्यवस्था को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। प्रति वर्ष होने वाले करीब 16 लाख दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया अब कहीं से भी ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

Madhya Pradesh किसानों को बोनस की सौगात और पचमढ़ी बनेगा ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’
खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार ने गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये और उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। उड़द पर बोनस देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। वहीं, पर्यटन के क्षेत्र में पचमढ़ी ने वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। इसे जर्मनी की संस्था द्वारा ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ के रूप में प्रमाणित किया गया है। सरकार अब पचमढ़ी को देश के ‘बेस्ट इन्वायरमेंटल मॉडल’ के रूप में विकसित करेगी।
Madhya Pradesh जल गंगा संवर्धन अभियान और खाड़ी देशों के लिए हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संरक्षण के लिए 19 मार्च 2026 से प्रदेशव्यापी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का अगला चरण शुरू होगा, जिसकी सराहना केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने भी की है। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में जारी युद्ध की स्थिति को देखते हुए वहां फंसे मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए भोपाल और दिल्ली में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, ताकि उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जा सके।





