उत्तर भारत में मॉनसून का कहर: बारिश और बाढ़ से तबाही, लाखों लोग प्रभावित

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BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली, 3 सितम्बर 2025। उत्तर भारत में इस बार मॉनसून थमने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर के पहले हफ्ते में भी लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली-NCR को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदियां उफान पर हैं, भूस्खलन और जलभराव से सड़कें ठप हो गई हैं, स्कूल बंद करने पड़े हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


जम्मू-कश्मीर: नदियां उफान पर, भूस्खलन से सड़कें बंद

  • तवी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
  • डोडा और उधमपुर में भूस्खलन के कारण कई हाईवे बंद हो गए हैं।
  • बारमीनी गांव में भूस्खलन से 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए और करीब 100 परिवार प्रभावित हुए।
  • हालात गंभीर होने पर वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन और बादल फटने से तबाही

  • किन्नौर में नाथपा के पास भूस्खलन से नेशनल हाईवे-5 बंद हो गया है।
  • कुल्लू में बस स्टैंड के पास एक इमारत भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गई।
  • मंडी के सुंदरनगर में दो घर मलबे में दब गए, जिसमें 5 लोग फंसे थे। अब तक तीन शव निकाले जा चुके हैं।
  • इस सीजन में अब तक 46 बादल फटने और 95 बाढ़ की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
  • 1,200 से अधिक सड़कें, 3,200 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 790 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।

पंजाब: 37 साल बाद सबसे भयावह बाढ़

  • सतलुज, ब्यास, रावी और घग्घर नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
  • 12 जिले जलमग्न हो चुके हैं, 2.56 लाख लोग प्रभावित हैं और अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना ने अब तक 15 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
  • राज्य सरकार ने 129 राहत शिविर बनाए, जिनमें 7,000 से अधिक लोग रह रहे हैं।
  • लगभग तीन लाख एकड़ फसलें नष्ट हो गईं, किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दिल्ली-NCR: यमुना का जलस्तर बढ़ा, सड़कों पर जलभराव

  • हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
  • यमुना बाजार, बुराड़ी और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में पानी घरों और सड़कों में घुस गया है।
  • लोहे का पुल बंद कर दिया गया है, और कई जगहों पर नाव और गोताखोर तैनात किए गए हैं।
  • जनकपुरी में लगातार बारिश से सड़क धंसने के कारण बड़ा गड्ढा बन गया।
  • नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, साथ ही कई कंपनियों को वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह दी गई है।

अगले कुछ दिन और मुश्किल

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 2-3 दिन हालात और बिगड़ सकते हैं। भारी बारिश से नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में राहत और बचाव कार्यों को और तेज करना पड़ेगा।

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