तमिलनाडु में सियासत गरमा रही है। बीजेपी और AIADMK के बीच गठबंधन की बातें तेज हो गई हैं। 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु जाएंगे। वहां वे AIADMK के नेता एडप्पादी पलानीस्वामी (EPS) से मिल सकते हैं। यह मुलाकात मदुरै में होगी। इस खबर से लोग उत्साहित हैं। क्या दोनों पार्टियां फिर से साथ आएंगी? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
गठबंधन की चर्चा क्यों?
2026 में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी इस राज्य में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है। इसके लिए उन्हें AIADMK जैसे मजबूत साथी की जरूरत है। पहले दोनों पार्टियां NDA में साथ थीं। लेकिन 2023 में कुछ विवाद के बाद AIADMK ने गठबंधन तोड़ दिया था। बीजेपी के राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने द्रविड़ नेताओं पर टिप्पणी की थी। इससे EPS नाराज हो गए थे। अब फिर से बातचीत शुरू हुई है।
दिल्ली में हुई अहम बैठक
हाल ही में दिल्ली में बड़ी बैठक हुई। बीजेपी के बड़े नेता अमित शाह और जेपी नड्डा ने EPS से मुलाकात की। अमित शाह ने कहा कि गठबंधन पर बात चल रही है। अन्नामलाई ने भी शाह से अलग से बात की। उन्होंने कहा कि आखिरी फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। इससे साफ है कि पार्टी इस गठबंधन को लेकर गंभीर है।

6 अप्रैल को क्या होगा?
6 अप्रैल को PM मोदी तमिलनाडु पहुंचेंगे। यह दिन राम नवमी का होगा। वे रामेश्वरम के प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद वे पंबन रेलवे ब्रिज का उद्घाटन करेंगे। यह ब्रिज रामेश्वरम के पास बनाया गया है। इसी दौरान उनकी EPS से मुलाकात की खबर है। यह मुलाकात गठबंधन के भविष्य को तय कर सकती है।
बीजेपी की रणनीति
बीजेपी तमिलनाडु में मजबूत होना चाहती है। इसके लिए वे विकास और संस्कृति पर जोर दे रहे हैं। पंबन ब्रिज का उद्घाटन एक बड़ा कदम है। साथ ही राम नवमी पर मंदिर जाना लोगों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएगा। गठबंधन हो गया तो बीजेपी को फायदा हो सकता है। लेकिन EPS की सहमति जरूरी है।
पहले क्या हुआ था?
AIADMK और बीजेपी का रिश्ता पहले भी टूट चुका है। 2023 में अन्नामलाई के बयान से विवाद हुआ था। EPS ने कहा था कि वे बीजेपी के साथ नहीं रहेंगे। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। दोनों पार्टियां फिर से करीब आ रही हैं। क्या यह गठबंधन 2026 के चुनाव में रंग लाएगा? यह देखना रोचक होगा।
तमिलनाडु में बीजेपी की तैयारी
बीजेपी तमिलनाडु में अपनी टीम को मजबूत कर रही है। पार्टी 13 राज्यों में नए अध्यक्ष चुन रही है। इसमें तमिलनाडु भी शामिल है। PM मोदी का दौरा और EPS से मुलाकात इसी रणनीति का हिस्सा है। वे विकास के साथ-साथ सियासी समीकरण भी सेट करना चाहते हैं।
निष्कर्ष
BJP और AIADMK का गठबंधन तमिलनाडु की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है। 6 अप्रैल की मुलाकात अहम होगी। अगर EPS और मोदी के बीच बात बन गई तो नया गठबंधन शुरू हो सकता है। लोग इस खबर पर नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिन बताएंगे कि तमिलनाडु में सियासत का रंग क्या होगा।