Mirzapur उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘केज कल्चर’ (मत्स्य पालन) योजना मीरजापुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पात्र होने के बावजूद उनसे योजना का लाभ देने के बदले अवैध धन की मांग की जा रही है।
71 पात्र आवेदक, फिर भी लटकी प्रक्रिया
Mirzapur शिकायती पत्र के अनुसार, केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन के लिए की गई जांच में 71 आवेदकों की सूची फाइनल हो चुकी है। इसके बावजूद, मत्स्य निरीक्षक नवीन कुमार मिश्रा और उपनिदेशक मत्स्य पर आरोप है कि वे प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ‘सुविधा शुल्क’ (कमीशन) की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो आवेदक पैसा नहीं दे पा रहे हैं, उनके केज (पिंजरे) नहीं लगाए जा रहे हैं, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हैं।
कलेक्ट्रेट में नारेबाजी और धरना
Mirzapur भ्रष्टाचार से आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी संख्या में मीरजापुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार के इस खेल को तुरंत नहीं रोका गया और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
न्याय की गुहार: “हक मार रहा है प्रशासन”
Mirzapur प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ निचले स्तर के अधिकारी अपनी जेब भरने के लिए पात्र लोगों का हक मार रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से निष्पक्ष जांच कराने और जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाने की अपील की है।
Read this: Indore: 40% मुनाफे का लालच देकर हजारों से ठगी, विजयनगर पुलिस ने एडवाइजरी कंपनी के 6 गुर्गों को दबोचा





