BY: Yoganand Shrivstva
मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ब्रीफिंग देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने 4 घंटे के भीतर FIR दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है मामला?
विजय शाह ने हाल ही में एक जनसभा में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जो वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया।
कोर्ट की सख्ती:
- हाईकोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की डिवीजन बेंच ने स्वत: संज्ञान लिया।
- राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह कोर्ट में उपस्थित थे।
- कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चार घंटे के भीतर FIR दर्ज की जाए।
- साथ ही कहा गया कि विधि सम्मत कार्रवाई में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई। वे देश की पहली महिला अफसरों में से हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारतीय दल का नेतृत्व किया है।
उनके खिलाफ की गई टिप्पणी पर आम जनता, सैन्य समुदाय और राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राजनीतिक पारा चढ़ा: कांग्रेस ने किया मोर्चा खोलने का ऐलान
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी तीखा विरोध दर्ज किया है और घोषणा की है कि वे मध्यप्रदेश के हर थाने में विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करवाएंगे।
कांग्रेस का बयान:
- “सेना की महिला अधिकारी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
- “भाजपा नेताओं की सोच महिलाओं के प्रति अपमानजनक है।”
- “हम न्याय की मांग करते हैं और हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएंगे।”
विजय शाह ने दी सफाई, लेकिन विवाद थमा नहीं
मंत्री विजय शाह ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को “गलत संदर्भ में पेश किया गया है” और उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।
इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं आप?
यह मामला न केवल राजनीतिक गरमाहट का कारण बना है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या नेताओं को बयान देने से पहले अपनी भाषा और प्रभाव का ध्यान नहीं रखना चाहिए?
बयानबाजी से बढ़ते विवाद और न्यायिक सख्ती
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की त्वरित कार्रवाई यह दिखाती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह कोई मंत्री ही क्यों न हो। कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बलों और महिला अधिकारियों के सम्मान के मुद्दे पर देश समझौता नहीं करेगा।




