जर्मन लग्जरी कार ब्रांड मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने घोषणा की है कि वह सितंबर 2025 से अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 1% से 1.5% तक की बढ़ोतरी करेगी। यह इस साल की तीसरी प्राइस हाइक है, इससे पहले जनवरी और जुलाई 2025 में भी कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं।
कीमत बढ़ाने की वजह: कमजोर होता भारतीय रुपया
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर ने बताया कि इस फैसले के पीछे मुख्य कारण भारतीय रुपए की यूरो के मुकाबले गिरती वैल्यू है।
- पहले 1 यूरो = ₹89-90 था
- अब 1 यूरो = ₹98 से ऊपर पहुंच चुका है
चूंकि मर्सिडीज-बेंज की गाड़ियों में लगभग 70% यूरोपियन स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल होता है, इसलिए रुपए की कमजोरी से उत्पादन लागत में बड़ा इज़ाफा हुआ है।
कंपनी अब यह अतिरिक्त लागत ग्राहकों के साथ साझा करेगी
अय्यर ने कहा कि पहले कंपनी ने यह लागत खुद वहन की थी, लेकिन अब इसे ग्राहकों तक ट्रांसफर करना जरूरी हो गया है।
इस फैसले को दो चरणों में लागू किया गया है:
- पहला फेज: जून 2025
- दूसरा फेज: सितंबर 2025
क्या इस हाइक से सेल्स पर पड़ेगा असर?
संतोष अय्यर का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी से थोड़ी बहुत गिरावट हो सकती है, लेकिन बाजार में अन्य सकारात्मक कारक भी मौजूद हैं:
राहत की बातें:
- हाल ही में RBI ने रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की है
- इससे EMI कम होगी, जो 80% कस्टमर्स के लिए फायदेमंद है क्योंकि वे फाइनेंस के ज़रिए कार खरीदते हैं
बाज़ार की स्थिति:
- लग्जरी कार सेगमेंट में अब तक 5-6% की ग्रोथ देखी गई है
- वहीं सामान्य पैसेंजर व्हीकल मार्केट में ग्रोथ 2-3% रही
बिक्री, EV ग्रोथ और भविष्य की योजनाएं
मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने जनवरी-सितंबर 2024 के बीच 14,379 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 13% ज्यादा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों में तेज़ी:
- EV सेगमेंट में 73% की ग्रोथ
- कंपनी की कुल बिक्री में EVs की हिस्सेदारी 11% तक पहुंची
विस्तार की रणनीति:
- भारत में 30 नए लग्जरी टच-पॉइंट्स खोलने की योजना
- ग्राहकों को बेहतर सर्विस और नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में प्रयास
वैश्विक चुनौतियां और कंपनी की रणनीति
संतोष अय्यर ने स्वीकार किया कि जियो-पॉलिटिकल इश्यूज के कारण कंपनी की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। फिर भी मर्सिडीज-बेंज ने अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखा है।
मुख्य बातें:
- रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी जैसी समस्याएं कंपनी को प्रभावित नहीं कर सकीं
- कंपनी का फोकस है: कॉस्ट मैनेजमेंट और लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी
महंगाई के बावजूद मांग बनी रहेगी
मर्सिडीज-बेंज का यह कदम लागत में हुई वृद्धि की भरपाई के लिए है। हालांकि कंपनी को भरोसा है कि भारतीय बाजार में लग्जरी कारों की मांग मजबूत बनी रहेगी।
ब्याज दरों में कटौती और ग्राहकों की फाइनेंसिंग क्षमता के चलते बिक्री में बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है।





