वाशिंगटन: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग का वादा किया और पाकिस्तान से हमले की जांच में सहयोग मांगा।
Contents
अमेरिका ने क्या कहा?
- अमेरिकी विदेश मंत्री ने जयशंकर से बात करके पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई।
- उन्होंने भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का वादा किया।
- साथ ही, उन्होंने भारत से पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने की अपील की।
जयशंकर ने ट्विटर पर लिखा कि हमले के “अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को सजा मिलनी चाहिए।”
पाकिस्तान से क्या मांगा गया?
- रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बात की।
- उन्होंने पाकिस्तान से हमले की निंदा करने और जांच में सहयोग करने को कहा।
- अमेरिका ने दोनों देशों से बातचीत बढ़ाने और शांति बनाए रखने की सलाह दी।

पहलगाम हमले के बाद क्या हुआ?
- 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई।
- भारत ने पाकिस्तान पर हमले का आरोप लगाया।
- पाकिस्तान ने इनकार किया और स्वतंत्र जांच की मांग की।
- भारत ने पाकिस्तान के साथ कई कड़े कदम उठाए:
- राजनयिक संबंध कम किए।
- सिंधु जल समझौता (1960) को निलंबित किया।
- पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए।
- वाघा-अटारी बॉर्डर बंद कर दिया।
पाकिस्तान की क्या प्रतिक्रिया रही?
- पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।
- सीमा पर गोलीबारी हुई।
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की तरफ से सैन्य कार्रवाई हो सकती है।
अमेरिका का रुख क्यों महत्वपूर्ण है?
- अमेरिका भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है।
- वह चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत पर निर्भर है।
- पाकिस्तान भी अमेरिका का पुराना सहयोगी है, लेकिन अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद उसका महत्व कम हुआ है।
क्या हो सकता है आगे?
- भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है।
- अमेरिका दोनों देशों से बातचीत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
- अगर तनाव और बढ़ा, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है। अमेरिका दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। अब देखना है कि क्या दोनों देश तनाव कम कर पाएंगे या स्थिति और बिगड़ेगी।





