मलेशिया के सबसे अमीर राज्य सेलांगोर के पुचोंग इलाके में मंगलवार दोपहर एक भयानक हादसा हुआ। यहां एक भूमिगत गैस पाइपलाइन में अचानक विस्फोट हो गया, जिसके बाद आग की भीषण लपटें सैकड़ों मीटर ऊपर तक उठने लगीं। आसपास के लोगों ने बताया कि पहले एक जोरदार धमाका सुना गया, फिर देखते ही देखते पूरा इलाका आग की चपेट में आ गया।
हादसे का असर
- 10 से ज्यादा आवासीय घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए
- 300 से अधिक वाहन (कारें, मोटरसाइकिल) राख का ढेर बन गए
- 65 लोगों को गंभीर जलने और धुएं से सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया
- 500 से ज्यादा लोगों को तुरंत इलाके से निकालकर स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में शरण दी गई
- आग इतनी तेज थी कि 5 किलोमीटर दूर से भी धुआं और लपटें साफ देखी जा सकती थीं
हादसे के कारण
स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा लापरवाही की वजह से हुआ:
- पाइपलाइन के ऊपर बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए निर्माण कार्य चल रहा था
- कंपनी ने पाइपलाइन के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया
- सरकारी निरीक्षण तंत्र विफल रहा, जिससे खतरनाक स्थिति बनी रही
पीड़ितों की दर्दभरी कहानियां
- 45 वर्षीय रहीमा बीबी ने बताया, “मैं अपने बच्चे को लेकर भागी, पीछे मुड़कर देखा तो हमारा घर आग में घिर चुका था”
- एक दुकानदार शम्सुल ने कहा, “मेरी पूरी दुकान जल गई, 20 साल की मेहनत एक पल में खत्म हो गई”
- कई परिवारों ने बताया कि उनके पास अब न तो घर है, न कपड़े और न ही खाने का सामान
सरकार और पेट्रोनास की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा:
- “यह एक बहुत बड़ी त्रासदी है, हम पीड़ितों की पूरी मदद करेंगे”
- “पूरी जांच होगी, जिम्मेदारों को सजा मिलेगी”
- “क्षतिग्रस्त इलाके के पुनर्निर्माण में कम से कम 1 साल लग सकता है”
पेट्रोनास कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा:
- “हम गैस सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं”
- “पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा”
जनता का गुस्सा
सोशल मीडिया पर #SelangorFire ट्रेंड कर रहा है। लोगों के मुख्य आरोप:
- “सरकार और कंपनियां सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाह हैं”
- “पैसे के लालच में आम लोगों की जान से खिलवाड़ किया जाता है”
- “ऐसे हादसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते”
भविष्य की चुनौतियां
- हजारों लोगों को तत्काल आश्रय, भोजन और चिकित्सा सहायता की जरूरत
- गैस सप्लाई बाधित होने से उद्योगों और घरों पर प्रभाव
- लोगों का विश्वास जीतने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करनी होगी