स्वच्छता में फिर अव्वल रहा मध्यप्रदेश: इंदौर को सुपर स्वच्छ लीग में 8वीं बार सम्मान, भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी घोषित

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BY: Yoganand Shrivastva

भोपाल , स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के आठ शहरों को 17 जुलाई को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान समारोह में विशेष पहचान मिलने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन शहरों को स्वच्छता के विभिन्न वर्गों में उनके योगदान के लिए सम्मानित करेंगी।

इस बार इंदौर को “सुपर स्वच्छ लीग” श्रेणी में लगातार आठवीं बार सम्मान मिलेगा। यह शहर पहले ही सात बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत चुका है। इस नई श्रेणी में उसका चयन बीते वर्षों के उत्कृष्ट कार्य और भविष्य की योजना के आधार पर हुआ है।


भोपाल बनी देश की सर्वश्रेष्ठ राजधानी

राजधानी भोपाल को इस बार देश की सबसे स्वच्छ राजधानी के रूप में विशेष रूप से मान्यता दी जाएगी। शहर की प्राकृतिक सुंदरता और सफाई व्यवस्था ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि दिलाई है।


उज्जैन, बुधनी, जबलपुर समेत कई शहरों को मिलेगा गौरव

  • उज्जैन को 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में बेहतरीन सफाई व्यवस्था के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
  • बुधनी को 20 हजार से कम आबादी वाले कस्बों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मान मिलेगा।
  • ग्वालियर, देवास, शाहगंज और जबलपुर को भी उनकी अलग-अलग श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा,

“स्वच्छता के इस अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए संकल्प को हम सब मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यह सफलता केवल नगर निगम या अधिकारियों की नहीं, बल्कि हर स्वच्छताकर्मी, महापौर, पार्षद और आम नागरिक की भागीदारी का नतीजा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल स्वच्छता के साथ-साथ सौंदर्य में भी मिसाल बन चुका है, और यह गौरव पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है।


इस बार बदली गई रैंकिंग की प्रक्रिया

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में इस बार एक नया बदलाव किया गया है। नगरीय विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि अब तक टॉप रैंक पर रहे शहरों को एक विशेष लीग में रखा गया है, जिसे “सुपर स्वच्छ लीग” कहा गया है।
इन लीग शहरों की घोषणा उसी दिन होगी जब बाकी शहरों की रैंकिंग घोषित की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार जनसंख्या के आधार पर श्रेणियां बनाई गई हैं, जिससे हर श्रेणी में पारदर्शिता बनी रहे।