Madhya Pradesh मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प के साथ इस वर्ष बुंदेलखंड की धरा पर ‘नोहलेश्वर महोत्सव’ अपनी भव्यता के नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। दमोह जिले के ऐतिहासिक नोहटा स्थित नोहलेश्वर मंदिर परिसर में 11 से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि कला और साहित्य का अद्भुत संगम भी बनेगा।

कैलाश खेर की भक्ति और कवि सम्मेलन की गूँज
Madhya Pradesh इस वर्ष महोत्सव को सांस्कृतिक रूप से बेहद समृद्ध बनाया गया है। राज्य मंत्री श्री लोधी के अनुसार, महोत्सव की शामें राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों से सजी होंगी। विश्व प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपनी सूफियाना और भक्ति गायकी से नोहटा की फिजाओं में भक्ति रस घोलेंगे। इसके साथ ही ‘जय श्रीराम’ नृत्य नाटिका, शास्त्रीय नृत्य और भगवान शिव के तांडव स्वरूप की भव्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। साहित्य प्रेमियों के लिए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें हरिओम पवार और जानी बैरागी जैसे ख्यातनाम कवि अपनी ओजस्वी रचनाओं से बुंदेलखंड की शौर्य गाथाओं को जीवंत करेंगे।

रोमांच और संस्कृति का संगम: हॉट एयर बलून और स्थानीय गौरव
Madhya Pradesh नोहलेश्वर महोत्सव इस बार केवल भक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आधुनिक रोमांच का तड़का भी लगेगा। पहली बार महोत्सव में पर्यटकों के लिए हॉट एयर बलून जैसी साहसिक गतिविधियां शामिल की गई हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि बुंदेलखंड अपनी पुरातन संस्कृति और ऐतिहासिक वीरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड की इसी गौरवशाली परंपरा को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाना है, ताकि यहाँ के पर्यटन और कला कौशल को बढ़ावा मिल सके।
व्यापक तैयारियां और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
Madhya Pradesh दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ यह महोत्सव इस वर्ष अपने सबसे भव्य स्वरूप में होगा। आयोजन की सफलता के लिए संस्कृति विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। समापन समारोह में मशहूर भजन गायिका सुश्री आशा वैष्णव की सुरमयी प्रस्तुति होगी। राज्य मंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे सपरिवार इस महोत्सव का हिस्सा बनें और बुंदेलखंड की कला, संस्कृति एवं मर्यादाओं से रूबरू हों। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ व्यापक सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।





