Lucknow उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण जनता को आवागमन की बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को हरी झंडी दे दी गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की सभी 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ना है। सरकार के इस कदम से उन हजारों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक मुख्य सड़क या बस सेवा से वंचित थे।
Lucknow 12 हजार से अधिक अछूते गांवों तक पहुँचेगी कनेक्टिविटी
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी भी लगभग 12,200 ऐसे गांव थे जहाँ सरकारी या निजी बसें नहीं पहुँच पा रही थीं। नई पॉलिसी के तहत इन सभी गांवों को परिवहन के नक्शे पर लाया जाएगा। खास बात यह है कि इन रूटों पर चलने वाली बसों को परमिट और टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, ताकि निजी ऑपरेटरों को प्रोत्साहन मिल सके। इससे न केवल छात्रों और कर्मचारियों को सुविधा होगी, बल्कि किसान भी अपना उत्पाद आसानी से शहर ले जा सकेंगे।
Lucknow छोटी बसें और रात में गांव में ही ठहराव की व्यवस्था
योजना के अनुसार, जिन ग्रामीण सड़कों पर बड़ी बसें नहीं मुड़ सकतीं, वहां 7 मीटर लंबी छोटी बसें चलाई जाएंगी, जिनकी अधिकतम क्षमता 28 सीटों की होगी। इन बसों का संचालन निजी लोग करेंगे, लेकिन उनकी निगरानी जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। ये बसें रात में संबंधित गांव में ही रुकेंगी और सुबह 10 बजे तक तहसील या जिला मुख्यालय पहुँचेंगी। शाम को ये बसें वापस गांव लौटेंगी, जिससे ग्रामीणों को सुबह शहर जाने और शाम को घर लौटने में आसानी होगी।
Lucknow सस्ता किराया और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर
Lucknow सरकार ने इस योजना को रोजगार से भी जोड़ा है। इन बसों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर आसपास के गांवों के ही होंगे, ताकि उन्हें रात में रुकने में समस्या न हो। जिलाधिकारी की कमेटी स्थानीय स्तर पर किफायती किराया तय करेगी, जो आम जनता की जेब पर भारी न पड़े। ऑपरेटरों को एक ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में दिन में कम से कम दो बार चक्कर लगाने होंगे। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज रखी गई है और आवेदनों की स्क्रीनिंग से लेकर बस संचालन तक का कार्य मात्र 45 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।





