BY: Yoganand Shrivastva
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कर्नाटक में गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली जब लोकायुक्त पुलिस ने राज्यभर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई ने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि कई विभागों के अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं।
क्यों हुई यह छापेमारी?
लोकायुक्त को मिली गोपनीय और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार:
- कुछ सरकारी अधिकारी अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति के मालिक हैं।
- इन्हीं शिकायतों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है।
कहां-कहां हुई छापेमारी?
लोकायुक्त की टीम ने राज्य के प्रमुख शहरों और जिलों में एक साथ छापेमारी की। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार:
- बेंगलुरू: 12 स्थानों पर छापा
- टुमकुरु: 7 स्थान
- यादगीर: 5 स्थान
- मंगलुरु: 4 स्थान
- विजयपुरा: 4 स्थान
कुल मिलाकर दर्जनों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है, और इससे जुड़ी जानकारी लगातार सामने आ रही है।
किन विभागों के अधिकारी जांच के दायरे में?
अभी तक जिन विभागों के अधिकारियों के यहां छापे पड़े हैं, उनमें शामिल हो सकते हैं:
- राजस्व विभाग
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- शिक्षा विभाग
- नगर पालिका और स्थानीय निकाय विभाग
- बिजली और सिंचाई विभाग
हालांकि, सरकारी पुष्टि आने के बाद ही विभागों की सूची स्पष्ट होगी।
लोकायुक्त की यह कार्रवाई क्यों है अहम?
- यह छापेमारी बताती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है।
- यह कदम जनता में विश्वास बहाल करने का प्रयास भी माना जा रहा है।
- सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां यह संदेश देना चाहती हैं कि कानून से ऊपर कोई नहीं।





