Report: Amit Verma
Lohardaga लोहरदगा में मीडिया को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्रीय बजट पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश को सबसे अधिक खनिज और राजस्व देने वाले झारखंड को इस बजट में पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया है। उनके अनुसार, यह बजट झारखंड की जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बजट में कटौती का आरोप
Lohardaga केशव महतो कमलेश ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उन क्षेत्रों पर प्रहार किया है जो सीधे आम जनता से जुड़े हैं।
- प्रमुख क्षेत्रों में कमी: शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों के बजटीय आवंटन में कमी की गई है।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चोट: उन्होंने कहा कि मनरेगा और ग्रामीण विकास की योजनाओं के बजट में कटौती करना गरीबों और मजदूरों के पेट पर लात मारने जैसा है।
- रोजगार का अभाव: बजट में झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती।
उपेक्षित वर्ग और बुनियादी ढांचे की अनदेखी
Lohardaga कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, लेकिन बजट में इस वर्ग के लिए कुछ भी विशेष नहीं है।
- पिछड़े वर्गों की अनदेखी: आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के उत्थान के लिए किसी ठोस कार्ययोजना का अभाव है।
- बुनियादी ढांचा: राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कोई नई बड़ी परियोजना या विशेष सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है।
“विशेष पैकेज” की पुरजोर मांग
Lohardaga कमलेश ने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि झारखंड देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है, लेकिन विकास के मामले में उसे उसका वाजिब हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि:
- झारखंड के लिए तत्काल एक ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ घोषित किया जाए।
- राजस्व में राज्य की हिस्सेदारी के अनुरूप अधिक बजटीय आवंटन सुनिश्चित हो।
- राज्य के सर्वांगीण विकास और युवाओं के पलायन को रोकने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं।
Read this: Dhanbad शिक्षा की मशाल लेकर दौड़ा धनबाद: ‘रन फॉर एजुकेशन’ में 5 हजार ग्रामीण बच्चों ने रचा इतिहास





