BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली सरकार ने आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। इस आदेश के तहत 15 सितंबर तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की छुट्टी स्वीकृत या अनुशंसित नहीं की जाएगी, सिवाय अत्यावश्यक चिकित्सकीय आपात स्थिति के मामलों के।
सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, जूनियर इंजीनियर स्तर से ऊपर के सभी कर्मचारियों की छुट्टियों पर यह रोक प्रभावी रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी इस आदेश का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करना है।
आदेश में बताई गई तैयारियों की जरूरत
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मानसून के आगमन से पूर्व नालों की सफाई, जलभराव की रोकथाम, सड़कों की मरम्मत और मलबा हटाने जैसे कार्यों में व्यापक स्तर पर तेजी लानी होगी। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की निरंतर उपस्थिति अनिवार्य है, ताकि शहरवासियों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पहचान की गई जलभराव प्रभावित जगहें
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में लगभग 400 स्थानों को जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। अक्सर पुराने नालों में जमी गाद और अवरुद्ध जल निकासी व्यवस्था के चलते बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्याएँ सामने आती रही हैं।
जल एवं लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने पहले ही जानकारी दी थी कि पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई का कार्य 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, अन्य संबंधित एजेंसियां भी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित नालों की सफाई का काम तेज़ी से कर रही हैं, ताकि मानसून के समय जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
सरकार का उद्देश्य
दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव से बचाना और शहर में यातायात तथा जीवन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





