रिपोर्टर: सेवकराम चौबे
Khargone मध्य प्रदेश की पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जिले के भीलगांव में एक प्रतिष्ठित कारोबारी के घर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 12 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गैंग ने न केवल फायरिंग की थी, बल्कि विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपये की फिरौती की भी मांग की थी।

Khargone भीलगांव फायरिंग कांड: 16 मार्च की दहशत का अंत
बीती 16 मार्च को भीलगांव के प्रसिद्ध कारोबारी दिलीप राठौर के निवास पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई थी। इस हमले का उद्देश्य क्षेत्र के बड़े व्यापारियों में खौफ पैदा कर अपना वर्चस्व स्थापित करना था। हमले के तुरंत बाद गैंग ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिम्मेदारी ली और फिरौती की मांग की। एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि गिरोह के पैर पसारने से पहले ही पुलिस ने इनके नेटवर्क को तोड़ दिया है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

Khargone उज्जैन में आत्मसमर्पण से खुला राज, शूटरों का नेटवर्क फेल
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब गिरोह के मुख्य गुर्गे राजपाल ने उज्जैन पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। राजपाल से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने इस कार्रवाई में केवल शूटर ही नहीं, बल्कि रेकी करने वाले, संसाधन उपलब्ध कराने वाले और बिश्नोई गैंग से सीधा संपर्क रखने वाले 12 आरोपियों को दबोच लिया है। यह गिरोह आधुनिक संचार साधनों और विदेशी नंबरों का उपयोग कर वारदात को अंजाम दे रहा था।

Khargone हथियारों का जखीरा और लग्जरी गाड़ियां बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदातों में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और वाहनों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस की जब्ती में 3 कारें, 1 मोटरसाइकिल, 4 अत्याधुनिक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और 10 मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस अब इन मोबाइल फोनों के डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के तार और किन-किन सफेदपोशों या अपराधियों से जुड़े हुए हैं।





